महाराष्ट्र की 'महा एआई' देश में एक नई और अनोखी पहल, सरकारी काम में आएगी तेजी और पारदर्शिता: सीएम देवेंद्र फडणवीस
मुंबई, 23 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार के विभागों के कामकाज को ज्यादा कुशल, सुरक्षित और जन-केंद्रित बनाने के लिए 'महा एआई' - यानी एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 'महाराष्ट्र हब' - विकसित किया गया है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित देश की पहली अनोखी पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल जल्द ही राज्य के विभिन्न विभागों में लागू की जाएगी। इसके जरिए सरकारी कामकाज में पत्राचार, नोट तैयार करना, रिपोर्ट बनाना, सरकारी कामों का अनुवाद, दस्तावेजों का सारांश और सरकारी नॉलेज बेस में जानकारी खोजना जैसे काम ज्यादा तेजी और सटीकता से किए जा सकेंगे।
सीएम देवेंद्र फडणवीस विधानभवन में 'महा एआई' प्लेटफॉर्म पर आयोजित एक बैठक में बोल रहे थे। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव लोकेश चंद्र, अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास चंद्र रस्तोगी, प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, प्रधान सचिव नवीन सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, महाआईटी की निदेशक भुवनेश्वरी एस, राज्य सूचना और संचार अधिकारी तथा उप महानिदेशक सपना कपूर मौजूद थे।
सीएम फडणवीस ने कहा कि 'महा एआई' राज्य की सरकारी प्रणाली में आधुनिक तकनीक को शामिल करके प्रशासन को ज्यादा प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर ने महाराष्ट्र के लिए यह सिस्टम विकसित किया है और इसे इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए महाराष्ट्र राज्य डेटा सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लागू किया गया है। इससे सरकारी जानकारी की संप्रभुता, गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
सभी संवेदनशील सरकारी जानकारी सरकार के ही नियंत्रण में रहेगी, और जानकारी को राज्य सरकार के सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर में स्टोर और प्रोसेस किया जाएगा। 'महा एआई' सिस्टम से सरकारी पत्र, ईमेल और नोट तैयार करने, डॉक्यूमेंट का सारांश बनाने, स्पष्टीकरण और अनुवाद करने, सरकारी नियमों, कानूनों, फैसलों और सर्कुलर से जुड़ी जानकारी खोजने और आम भाषा में रिपोर्ट बनाने जैसे काम किए जा सकेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से लाभार्थियों के वेरिफिकेशन की सुविधा भी मिलेगी, ताकि एक ही लाभार्थी का नाम दोबारा न आए। यह सिस्टम अलग-अलग एआई मॉडल चुनने और इमेज व डॉक्यूमेंट अपलोड करने की सुविधा देता है। इसमें यूजर-वाइज सुरक्षित लॉग-इन, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और पद के हिसाब से एक्सेस कंट्रोल जैसे सुरक्षा फीचर्स शामिल किए गए हैं, ताकि सरकारी डॉक्यूमेंट और जानकारी की गोपनीयता बनी रहे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भविष्य में सभी सरकारी विभागों में 'महा एआई' का इस्तेमाल एक यूनिफॉर्म एआई प्लेटफॉर्म के तौर पर किया जाएगा। साथ ही, इसे ई-ऑफिस, आरटीआई, ई-एचआरएमएस और 'आपले सरकार' जैसे अलग-अलग ई-गवर्नेंस सिस्टम से जोड़कर ड्राफ्टिंग, अनुवाद, सारांश बनाने, जानकारी इकट्ठा करने और लाभार्थियों के वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह और राज्य सूचना एवं संचार अधिकारी व नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर की डिप्टी डायरेक्टर जनरल सपना कपूर ने 'महा एआई' प्लेटफॉर्म पर प्रेजेंटेशन दिया।
--आईएएनएस
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