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महाराष्ट्र के 1.5 करोड़ किसानों को मिलेगी 5,000 रुपये की अग्रिम सूखा राहत राशि

मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के करीब 1.5 करोड़ सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सहायता राशि इसी सप्ताह किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जाए।
 

मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के करीब 1.5 करोड़ सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सहायता राशि इसी सप्ताह किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जाए।

इस योजना पर कुल 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को मिलने वाली राहत राशि से बैंकों द्वारा किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाए। बैंकों को निर्देश देने को कहा गया है कि पुराने कर्ज या बकाये की वसूली के नाम पर किसानों के खातों में जमा होने वाली इस राशि से कोई पैसा नहीं काटा जाए।

सरकार का उद्देश्य फसल नुकसान और पानी की किल्लत से जूझ रहे किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इसके तहत करीब 1.5 करोड़ किसानों के खातों में 5,000 रुपये की अग्रिम राहत राशि इसी सप्ताह जमा कराई जाएगी।

इसके साथ ही, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एसटी) कर्मचारियों के वेतन के लिए आवश्यक आर्थिक प्रावधान उपलब्ध कराने के लिए राज्य के परिवहन मंत्री व एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक की ओर से किए गए प्रयास सफल रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने एसटी महामंडल को सितंबर 2026 में यात्रियों को दी गई रियायतों की प्रतिपूर्ति के लिए 391.02 करोड़ रुपए की निधि वितरित करने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में मंगलवार को शासनादेश जारी किया गया।

एसटी महामंडल के लगभग 83 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन आमतौर पर हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच दिया जाता है। हालांकि, इस वर्ष 6 नवंबर से दिवाली का त्योहार शुरू होने वाला है, ऐसे में कर्मचारियों को त्योहार से पहले वेतन मिल सके, इसके लिए मंत्री प्रताप सरनाईक ने एसटी प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद परिवहन विभाग और एसटी प्रशासन ने सरकार से आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए।

--आईएएनएस

डीएससी