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महाराष्ट्र :15 जून तक व्यापक मानसूनी बारिश की संभावना कम, किसानों को बुवाई में जल्दबाजी न करने की सलाह

मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण क्षेत्र में पहुंच चुका है, लेकिन राज्यभर में इसके सक्रिय होने में अभी समय लग सकता है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार कम से कम 15 जून तक राज्य में व्यापक और संतोषजनक मानसूनी वर्षा की संभावना कम है। ऐसे में किसानों को बुवाई शुरू करने में जल्दबाजी न करने की सलाह दी गई है।
 
महाराष्ट्र :15 जून तक व्यापक मानसूनी बारिश की संभावना कम, किसानों को बुवाई में जल्दबाजी न करने की सलाह

मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण क्षेत्र में पहुंच चुका है, लेकिन राज्यभर में इसके सक्रिय होने में अभी समय लग सकता है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार कम से कम 15 जून तक राज्य में व्यापक और संतोषजनक मानसूनी वर्षा की संभावना कम है। ऐसे में किसानों को बुवाई शुरू करने में जल्दबाजी न करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है और 9 जून तक इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, मानसून की आगे बढ़ने की गति फिलहाल धीमी रहने की संभावना है।

पूर्वानुमान के मुताबिक 15 जून तक विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद बादल छाने, गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है। लेकिन यह वर्षा इतनी व्यापक नहीं होगी कि बड़े पैमाने पर खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकें।

इस बीच, राज्य के कई इलाकों में गर्मी का असर भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि कम से कम 12 जून तक अधिकतम तापमान सामान्य से ऊंचा रह सकता है। विदर्भ और खानदेश में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है, जबकि मराठवाड़ा में यह 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

कृषि एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों से अपील की है कि केवल गरज-चमक और हल्की बारिश के आधार पर बुवाई शुरू न करें और व्यापक मानसूनी वर्षा का इंतजार करें।

विभाग ने नागरिकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, टिन शेड, विद्युत ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभों और खुले बिजली के तारों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।

अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसानों को समय-समय पर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/एएस