महापौर बनाने का सपना देखने वाले पहले हमारा इतिहास जान लें: अरविंद सावंत
मुंबई, 5 जनवरी (आईएएनएस)। बीएमसी चुनाव को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के नेता अरविंद सावंत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें सीएम ने मराठी मेयर बनाने की बात कही थी। उनके इस बयान पर सावंत ने कहा कि अच्छा होगा कि महायुति वाले हमारा इतिहास को अच्छे से समझ लें।
मुंबई में अरविंद सावंत ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे के उस बयान पर आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने कहा कि हम हिंदू हैं, उर्दू नहीं। सावंत ने कहा कि कौन कहता है कि हम हिंदू नहीं हैं? जब आपकी राय पूछी जाती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप समझते भी नहीं हैं। क्या आप जानते हैं कि उर्दू क्या है? उर्दू एक समृद्ध भाषा है। मुंबई नगर निगम में उर्दू सहित सभी भाषाओं के स्कूल हैं। आपको खुद जाकर देखना चाहिए। लोग ग्रुप में बात करते हैं, और जब आप ऐसी बातें सुनते हैं और सवाल पूछते हैं तो आपकी और मीडिया चैनलों की प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ता है।
महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर के वीडियो पर अरविंद सावंत ने कहा कि चुनाव आयोग से पूछना होगा कि क्या उन्होंने आंखों पर पट्टी बांध रखी है। राहुल नार्वेकर महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर हैं। स्पीकर के तौर पर उनका एक संवैधानिक पद है और उनसे उम्मीद की जाती है कि वे किसी का पक्ष लिए बिना निष्पक्ष रहेंगे। फिर भी, वे राजनीति करते हैं। यह चुनाव आयोग को देखना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव लड़ने के लिए शाम पांच से पहले तक फॉर्म क्यों नहीं भरने दिए गए। निर्विरोध चुनकर लाने का मसला कपट है। पार्टी का उम्मीदवार कैसे अपना नाम वापस ले सकता है, वो भी पार्टी के आज्ञा के बिना?
उन्होंने कहा कि इसके पीछे साजिश है। यह तो धमकाया है या फिर पैसे दिए गए। ऐसे में मतदाता का अधिकार भी छीना जाता है। यह जो भी चल रहा है, यह संविधान को ठेस पहुंचाता है।
उन्होंने सोमनाथ मंदिर को लेकर पीएम मोदी के ब्लॉग पर कहा कि मुझे लगता है कि बीएमसी चुनाव में इस विषय को लाने की जरूरत नहीं है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा यह कहना कि कोस्टल रोड का क्रेडिट उद्धव ठाकरे ले रहे हैं, जब इस पर उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड का उद्घाटन हुआ, आटनल बोरिंग मशीन आई। उसका नाम उद्धव ठाकरे ने दिया था। टनल का निरीक्षण करने के लिए उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे जाते थे। हमारे सारे कार्य का क्रेडिट लेते हैं। जिंदगी भर उन्होंने सिर्फ झूठ ही बोला है, उनका पूरा जीवन झूठ में ही बीता है।
--आईएएनएस
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