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महानदी जल विवाद: छत्तीसगढ़ के सीएम साय पहुंचे दिल्ली, बोले- 'राज्य के हित में जो फैसला होगा, वो स्वीकार'

नई दिल्ली/रायपुर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार दोपहर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे। वे दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच सालों से चल रहे महानदी जल विवाद पर होने वाली बैठक में शामिल होंगे। रायपुर से दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के हित में जो भी फैसला होगा, उसे दोनों राज्य सरकारें स्वीकार करेंगी।
 

नई दिल्ली/रायपुर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार दोपहर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे। वे दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच सालों से चल रहे महानदी जल विवाद पर होने वाली बैठक में शामिल होंगे। रायपुर से दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के हित में जो भी फैसला होगा, उसे दोनों राज्य सरकारें स्वीकार करेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में मीडिया से कहा, "आज हम दिल्ली के दौरे पर जा रहे हैं। आज देश के गृह मंत्री की अध्यक्षता में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच सालों से चल रहे जल विवाद पर एक बैठक होगी। अब, चूंकि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, इसलिए दोनों मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) को लिखित रूप में दिया है कि सीडब्ल्यूसी दोनों राज्यों के हित में जो भी फैसला करेगा, उसे दोनों राज्य सरकारें स्वीकार करेंगी।"

उन्होंने कहा, "आज मुझे यह बताते हुए भी गर्व हो रहा है कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की सिफारिश पर छत्तीसगढ़ को सिंगापुर में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन की ओर से आयोजित साउथ एशिया फोरम में भाग लेने का मौका मिला है। मेरा मानना ​​है कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमारे राज्य की उपलब्धियों और विकास को दिखाने का एक ऐतिहासिक अवसर है।"

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह भी कहा कि पिछले 3-4 दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के लगभग 17 जिले प्रभावित हुए हैं। 550 से अधिक गांव और 22,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 8 लोगों की जान चली गई है। फसलें बर्बाद हो गई हैं, घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और मवेशियों का भी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने सरकार की ओर से सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द सर्वे करें और आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत राहत मुआवजा बांटें।"

उन्होंने कहा कि मैंने बस्तर और सुकमा का दौरा किया। वहां पीड़ितों से भी मुलाकात की और राहत शिविरों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और मुसीबत में लोगों के साथ खड़ा है।

वहीं, सरेंडर करने वाले नक्सलियों के फिल्मों की ओर रुख करने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "बस्तर इलाके में हर क्षेत्र में बहुत टैलेंट है, चाहे वह खेल हो या शिक्षा। बस दो-तीन दिन पहले रायपुर में ही एक कार्यक्रम हुआ था, जिसमें बस्तर इलाके की लड़कियां फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रही थीं। जिस जगह पर लोग कभी हिंदी नहीं समझ पाते थे, वहां अब हालात बदल गए हैं और स्थानीय लड़कियां अंग्रेजी में पढ़ाई कर रही हैं।"

उन्होंने कहा, "हमारे इलाके की एक बेटी ने तो फेमिना मिस इंडिया का खिताब भी जीता है। इसलिए, बस्तर में हर तरह की संभावनाएं मौजूद हैं। बस्तर के लोगों को एक अवसर मुहैया करने की जरूरत थी। अब नक्सलवाद से मुक्ति के बाद हर अवसर उन्हें उपलब्ध होगा। छत्तीसगढ़ का बस्तर विकास की दृष्टि से बहुत आगे बढ़ेगा।"

--आईएएनएस

डीसीएच/