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मध्य प्रदेश विधानसभा में यूसीसी बिल पास, सीएम मोहन यादव ने बताया महिलाओं के हित में बड़ा कदम

भोपाल, 21 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़े विधेयक के पारित होने के बाद राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इसे देश की एकता, अखंडता और महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने सरकार पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराने का आरोप लगाया।
 

भोपाल, 21 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़े विधेयक के पारित होने के बाद राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इसे देश की एकता, अखंडता और महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने सरकार पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूसीसी बिल के पारित होने पर कहा, "यह कानून देश की आधी आबादी यानी महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान व्यवस्था सुनिश्चित करना है।"

भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने भी विधेयक का समर्थन करते हुए कहा, "यूसीसी देश की एकता, अखंडता और पहचान के लिए आवश्यक है। इसे आजादी के तुरंत बाद लागू किया जाना चाहिए था, लेकिन अब इतने वर्षों बाद इसे लागू किया जा रहा है।" उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सरकार की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "सरकार इस विषय पर पर्याप्त चर्चा नहीं करना चाहती और विधेयक को समिति के पास भेजने से बच रही है।" उन्होंने मांग की कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक विचार-विमर्श होना चाहिए।

भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा, "समान नागरिक संहिता का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। इस विषय पर समय-समय पर न्यायपालिका ने भी अपनी राय दी है।"

भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने कहा, "संविधान के अनुच्छेद 14 और 44 में समानता और समान नागरिक संहिता की व्यवस्था का उल्लेख है। प्रदेश सरकार ने इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत कदम उठाया है।"

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "सरकार ने आसानी से विधेयक पारित करा लिया और सदन में समर्थन का माहौल रहा। विपक्ष न तो खुलकर बिल का विरोध कर पाया और न ही समर्थन कर पाया। विपक्ष के भीतर इस मुद्दे को लेकर मतभेद दिखाई दिए।"

मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, "विपक्ष के पास यूसीसी के संबंध में ठोस तर्क नहीं हैं और वह केवल राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद सभी नागरिकों के लिए समान नियम होंगे। इसके बाद कई विवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी।"

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर आदिवासी और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "आदिवासी समुदायों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है, फिर भी कांग्रेस ने इसका विरोध किया। कांग्रेस का विरोध राजनीतिक कारणों से प्रेरित है।"

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम