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मध्य प्रदेश: सतना में नशे के खिलाफ मातृशक्ति का संकल्प, महिलाओं ने छेड़ी जनजागरण मुहिम

सतना, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा देश को नशा मुक्त बनाने का ऐलान किए जाने के बाद मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ मुहिम तेज हो गई है। सरकार एक तरफ जहां नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ मुहिम चलाए हुए हैं, वहीं समाज एकजुट हो रहा है। सतना में तो राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर महिलाओं ने अपने जिले को नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है।
 

सतना, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा देश को नशा मुक्त बनाने का ऐलान किए जाने के बाद मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ मुहिम तेज हो गई है। सरकार एक तरफ जहां नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ मुहिम चलाए हुए हैं, वहीं समाज एकजुट हो रहा है। सतना में तो राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर महिलाओं ने अपने जिले को नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है।

राज्य सरकार लगातार नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है और इसी का कारण है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नशीले पदार्थ जप्त किए ही जा रहे हैं। साथ में उस सप्लाई चैन भी खुलासा हो रहा है, जो गांव-गांव तक नशीले पदार्थ पहुंचते हैं।

राज्य का विंध्य क्षेत्र वो इलाका है, जहां बड़ी तादाद में युवा नशे का शिकार हो रहे हैं इससे महिलाएं परेशान है और उन्होंने नशे के खिलाफ मुहिम का ऐलान कर दिया है।

सतना जिले में मधुरिमा सेवा संस्कार फाउंडेशन ने मातृशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में पहुंची महिलाओं ने सतना को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली।

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ स्वप्ना वर्मा का कहना है कि सतना जिले में नशीले पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए महिलाएं एक जुट हुई है और उन्होंने संकल्प लिया है कि 18 साल तक के किशोर को 18 साल तक के किशोर को वह किसी भी हालत में नशा नहीं करने देंगी। इतना ही नहीं हर वार्ड और गांव में एक समूह तैयार किया जाएगा जो नशे के खिलाफ जन जागृति लाने का काम करेगा।

इस अवसर पर महिलाओं को नशे से होने वाले नुकसान, नशा किस तरह का होता है, अगर परिवार का कोई सदस्य नशा कर रहा है तो उसे कैसे पहचानें, नशे के चलते महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और नशे के कारण बढ़ती गरीबी तथा बीमारियों से अवगत कराने के लिए कई शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

इस आयोजन की खूबी यह रही कि इसमें बच्चों की हिस्सेदारी रही, जिन्होंने ऐसे पोस्टर लगाए जो नशा से होने वाले नुकसान की कहानी बयां करने वाले थे। इनमें नशे के कारण बर्बाद होती जिंदगी का तो जिक्र था ही, वही जिन परिवारों के सदस्य नशा नहीं करते उन परिवारों में किस तरह की खुशहाली है इसका भी सजीव चित्रण किया गया।

इस सम्मेलन में महिलाओं ने तय किया है कि वह सतना को नशा मुक्त बनाने के लिए सतना डिक्लेरेशन तैयार करेगी और इसे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समाजसेवियों और प्रशासन तक भेजेंगी। इतना ही नहीं महिलाओं ने नशामुक्त सतना की शपथ ली और संकल्प लिया कि वे अब अपने-अपने वार्ड और गांव में नशा मुक्ति अभियान जोर शोर से चलाएंगी।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएसएच