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मध्‍य प्रदेश : नीमच में महिला-बाल विकास को नई दिशा, 58 केंद्र बने ‘सक्षम आंगनवाड़ी’

नीमच, 13 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के नेतृत्व में देशभर में महिला एवं बाल विकास को नई दिशा देने के लिए किए जा रहे नवाचारों में 'सक्षम आंगनवाड़ी' पहल एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के नीमच जिले में 58 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में विकसित किया गया है।
 
मध्‍य प्रदेश : नीमच में महिला-बाल विकास को नई दिशा, 58 केंद्र बने ‘सक्षम आंगनवाड़ी’

नीमच, 13 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के नेतृत्व में देशभर में महिला एवं बाल विकास को नई दिशा देने के लिए किए जा रहे नवाचारों में 'सक्षम आंगनवाड़ी' पहल एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के नीमच जिले में 58 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में विकसित किया गया है।

जहां बच्चों के लिए स्मार्ट लर्निंग, स्वच्छ पेयजल और पौष्टिक आहार की बेहतर व्यवस्थाओं ने अभिभावकों के मन में भरोसा पैदा किया है।

केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक, आकर्षक और शिक्षण-सह-मनोरंजन के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित करना है। नीमच महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि केंद्र सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों के उन्नयन के साथ-साथ बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जिले में पहले चरण में 58 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में विकसित किया जा चुका है, जबकि दूसरे चरण के लिए 268 आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है। इन केंद्रों पर बिजली की उपलब्धता, शौचालय की सुनिश्चित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, टीवी इंस्टॉलेशन, पोषण वाटिका का विकास, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बच्चों के लिए खिलौने और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

अंकिता पंड्या ने बताया कि योजना के अंतर्गत पोषण को लेकर भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी की जाती है। प्रत्येक माह चार ‘मंगल दिवस’ आयोजित किए जाते हैं, जिन्हें सामुदायिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इन कार्यक्रमों में गर्भवती महिलाएं और अन्य हितग्राही शामिल होते हैं, जहां पोषण प्रदर्शनी के माध्यम से स्वास्थ्य और आहार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं। इसके साथ ही बच्चों का वजन हर माह आंगनवाड़ी केंद्रों पर किया जाता है और हर महीने की 11 से 20 तारीख के बीच बच्चों का शारीरिक माप लेकर उनके विकास पर नजर रखी जाती है।

ग्राम पंचायत गिरदोड़ा की रहने वाली गर्भवती महिला ज्योति यादव ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र पर उनकी गोद भराई का कार्यक्रम आयोजित किया गया और उन्हें समय पर दोनों टीके लगाए गए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उन्हें गर्भावस्था से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां लगातार देती रहती हैं। ज्योति यादव ने इस पहल के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को सुरक्षा और सहयोग का एहसास होता है।

नीमच जिले के ग्राम पंचायत भरभड़िया स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-4 और ग्राम पंचायत गिरदोड़ा के आंगनवाड़ी केंद्र भी सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में विकसित किए गए हैं। यहां बच्चों को पोषण आहार के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाएं और डिजिटल शिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। एलईडी टीवी, खेल सामग्री और शैक्षणिक उपकरण बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से पोषण प्रदर्शनी भी लगाई जाती है। इसके अलावा हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को ‘मंगल दिवस’ के रूप में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और सुपोषण दिवस का आयोजन किया जाता है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम