Aapka Rajasthan

मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री मोहन यादव रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ेंगे

सागर, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर टाइगर रिजर्व में तैयारियां की जा रही हैं।
 

सागर, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर टाइगर रिजर्व में तैयारियां की जा रही हैं।

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जिला वन अधिकारी (डीएफओ) रजनीश सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 मार्च को यहां भूमि पूजन किया था, जिसके बाद हमने तेजी से काम शुरू किया और तय समय में बोमा (बाड़े) का निर्माण पूरा कर लिया। बोमा लगभग 440 हेक्टेयर में फैला शिकारियों से सुरक्षित बाड़ा है, जिसमें पांच अलग-अलग हिस्से और एक क्वारंटाइन एरिया है। यह पूरी तरह से शिकारियों से सुरक्षित है और इसमें इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगी है, ताकि कोई भी मांसाहारी जानवर बाड़े के अंदर न आ सके और न ही बाहर जा सके। पानी की सुविधा भी दी गई है। चौबीसों घंटे निगरानी के लिए पेट्रोलिंग कैंप बनाए गए हैं और कर्मचारी तैनात किए गए हैं जो लगातार इलाके में गश्त करते हैं। एक वन्यजीव पशु चिकित्सक भी नियुक्त किया गया है।"

रजनीश सिंह ने आगे कहा, "हमारे 60-70 कर्मचारी कूनो से प्रशिक्षण लेकर आए हैं। यह बुंदेलखंड का ऐसा प्रोजेक्ट है, जिससे बुंदेलखंड की परिस्थितिकी में परिवर्तन आएगा। बुंदेलखंड में पानी एक बहुत बड़ी चुनौती है। हमारा टाइगर रिजर्व केन, बेतवा और नर्मदा के जलग्रहण का हिस्सा है। टाइगर रिजर्व से पानी की उपलब्धता बेहतर होगी और पर्यटन बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह मिशन परिस्थितिकी और आर्थिक व्यवस्था में बदलाव लाएगा। मानव और वन्यप्राणियों का सहअस्तित्व है, हम साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। चीता जब घास के मैदानों का संरक्षण करेगा तो स्वतः ही हमारे खेतों का संरक्षण होगा और हमारे बुंदेलखंड और भारत की प्रगति होगी।

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि चीतों का आगमन केवल वन्यजीव संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सागर और बुंदेलखंड में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। चीतों को देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक आकर्षित हो सकते हैं।

--आईएएनएस

ओपी/एएस