मध्य प्रदेश में विकास और अधोसंरचना के लिए 23 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर
भोपाल, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की कैबिनेट ने राज्य के समग्र विकास, पर्यावरण संतुलन और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 23 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक के कई महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। आधिकारिक तौर पर मिली जानकारी में बताया गया है कि कैबिनेट द्वारा जो प्रस्ताव मंजूर किए हैं, उनमें सर्वाधिक 10,664 करोड़ 79 लाख रुपए कार्यकारी योजना संगठन एवं वन वृत्तों की स्थापना पर खर्च किए जाएंगे।
क्षतिपूर्ति वनीकरण योजना के लिए 1,994 करोड़ 30 लाख रुपए, राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना के लिए 1,623 करोड़ 79 लाख रुपए, इमारती लकड़ी उत्पादन के लिए 1,107 करोड़ 6 लाख रुपए और जू एवं रेस्क्यू सेंटर की स्थापना के लिए 604 करोड़ 23 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट द्वारा स्वीकृत 9 योजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, वनों का वैज्ञानिक प्रबंधन, जैव-विविधता और वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करना है।
मुख्यालय स्थापना और कार्यकारी वन वृत्तों की स्थापना योजनाओं का उद्देश्य मुख्यालय से लेकर मैदानी वनमंडलों तक प्रशासनिक नियंत्रण, वनों की सुरक्षा और अमले का प्रबंधन करना है। कार्य आयोजना का निर्माण योजना का उद्देश्य वनों के सतत व वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए 10 वर्षीय कार्य योजना तैयार करना है, जबकि वन प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन वनकर्मियों को प्रशिक्षित एवं कार्यदक्ष बनाने के लिए है। क्षतिपूर्ति वनीकरण योजना का उद्देश्य प्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए वन भूमि के उपयोग किए जाने के फलस्वरूप होने वाले पर्यावरणीय क्षति के दुष्प्रभावों को कम करना है।
वन्यजीवों के लिए राष्ट्रीय उद्यान स्थापना योजना द्वारा 9 टाइगर रिजर्व एवं 10 राष्ट्रीय उद्यानों का संरक्षण व विकास किया जाएगा। वहीं, संरक्षित क्षेत्रों के बाहर वन्यप्राणी प्रबंधन का उद्देश्य सघन गश्त, बाघ मॉनिटरिंग व रेस्क्यू कार्य सुनिश्चित करना है और जू एवं रेस्क्यू सेन्टर योजना का उद्देश्य बाह्य-स्थलीय संरक्षण सहित उज्जैन व जबलपुर में नए केंद्र स्थापित करना है।
कैबिनेट ने पन्ना, विदिशा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और उज्जैन की की सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 4103 करोड़ 73 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को 2 वर्ष की अवधि 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2029 तक निरंतर जारी रखते हुये अतिरिक्त राशि 700 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही निर्णय लिया गया है कि यदि आगामी वर्ष में मुख्यमंत्री कार्यालय से इस सीमा से अधिक किन्तु 500 करोड़ रुपए तक राशि के प्रस्ताव प्राप्त होते हैं तो आवश्यकतानुसार इनकी प्रशासकीय स्वीकृति दी जाएगी तथा भविष्य में अतिरिक्त राशि की मांग वित्त विभाग से पृथक से की जाएगी।
योजना अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, आपदा प्रबंधन, अधोसंरचना विकास कार्य, जैसे-मार्गों, नालियों, श्मशान घाट, सामुदायिक भवनों का निर्माण किया जाता है, साथ ही आमोद-प्रमोद एवं क्रीडा स्थलों का विकास, रैन बसेरों का निर्माण एवं अन्य आवश्यकता के कार्य नगरीय निकायों द्वारा संपादित किए जाते हैं। मंत्रिपरिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उद्योगों को प्रोत्साहन देने से संबंधित 'उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना' को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 610 करोड़ 51 लाख रुपए की स्वीकृति दी है।
--आईएएनएस
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