मध्य प्रदेश में राज्यसभा की सीट के लिए जोर-आजमाइश जारी, सियासी उठापटक तेज
भोपाल, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे डॉ. एल मुरूगन द्वारा मंत्रिमंडल और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद राज्य में दावेदार नेता सक्रिय हो गए हैं। संभावना इस बात की जताई जा रही है कि मुरूगन के स्थान पर कोई दक्षिण भारत का नेता या फिर राज्य से चौंकाने वाला नाम सामने आएगा। राज्य से राज्यसभा के लिए मुरूगन निर्वाचित हुए थे और उनका कार्यकाल वर्ष 2030 तक था लेकिन उन्होंने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है ।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं जिनमें से आठ पर भाजपा के सदस्य हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्यों में सुमित्रा बाल्मीक, कविता पाटीदार, बंशीलाल गुर्जर सुमेर सिंह सोलंकी, बालयोगी उमेश नाथ, माया नारोलिया, रजनीश कुमार अग्रवाल, तरुण चुग, महेश केवट शामिल है वहीं, कांग्रेस से विवेक कृष्ण तन्खा और अशोक सिंह हैं। अभी हाल ही में मुरुगन ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और आगामी समय में इस स्थान के लिए चुनाव होना तय है। बस इसी बात के चलते भाजपा के कई नेताओं ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक की दौड़ शुरू कर दी है।
जो प्रभावशाली नेता विधानसभा तक नहीं पहुंच पाए या लोकसभा पहुंचने में असफल रहे वे अब राज्यसभा की दौड़ में शामिल हो गए हैं। राज्य के कई प्रमुख नेता हैं जिन्होंने अपने हिसाब से सियासी समीकरण बिठाना शुरू कर दिए हैं। राज्य की भाजपा की राजनीति पर गौर करें तो एक बात साफ हो जाती है कि राज्य में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव हुए थे तब एक सीट कांग्रेस को मिलने की उम्मीद थी लेकिन मीनाक्षी नटराजन का पर्चा निरस्त होने पर तीनों सीट बीजेपी की झोली में चली गई।
भाजपा ने इस चुनाव में दो चौंकाने वाले नाम दिए थे-रजनीश अग्रवाल और महेश केवट का। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल संभावित है और आगामी रणनीति के चलते दक्षिण भारत के नेता को राज्य से राज्यसभा में भेजा जा सकता है अथवा मध्य प्रदेश का ही कोई चौंकाने वाला नाम सामने होगा।
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