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मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के लिए विशेष सत्र बुलाया जाए : उमंग सिंघार

भोपाल, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर सियासत गरमा रही है।विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। वहीं, भाजपा का कहना है कि ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री गंभीर हैं। दरअसल पिछले दिनों जबलपुर उच्च न्यायालय ने ओबीसी को 14 के स्थान पर 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के फैसले को रद्द कर दिया था।
 

भोपाल, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर सियासत गरमा रही है।विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। वहीं, भाजपा का कहना है कि ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री गंभीर हैं। दरअसल पिछले दिनों जबलपुर उच्च न्यायालय ने ओबीसी को 14 के स्थान पर 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के फैसले को रद्द कर दिया था।

इस मसले को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एवं प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ ओबीसी आरक्षण को लेकर उच्च न्यायालय के निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं और आगामी कानूनी कार्यवाही की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि राज्य की सरकार यदि ओबीसी को आरक्षण दिलाना चाहती है तो उसे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में स्थगन प्राप्त करने के लिए परेशान नहीं होना चाहिए बल्कि सरकार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए।

उन्होंने कहा है कि ओबीसी आरक्षण मसले पर सर्वदलीय बैठक हो चुकी है, इसलिए मुख्यमंत्री को सत्र का विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कानून पारित करना चाहिए। सरकार को ओबीसी को झूठे सपने दिखाना बंद कर देना चाहिए। भाजपा सरकार की नीयत साफ है तो विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव का कहना है कि ओबीसी आरक्षण पर मोहन यादव सरकार गंभीर है , पिछड़े वर्ग को उनका अधिकार दिलाने के लिए हर वैधानिक विकल्प पर काम जारी है। मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग आरक्षण के संबंध में भारतीय जनता पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद सभी वैधानिक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, ताकि संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप पिछड़े वर्ग को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार का दृढ़ संकल्प है कि पिछड़े वर्ग के हितों की रक्षा के लिए हर संभव वैधानिक प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार इस विषय पर गंभीरता से आगे बढ़ रही है। पिछड़ा वर्ग आश्वस्त रहे, उनके हितों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार हर आवश्यक कानूनी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आईएएनएस

एसएनपी/पीएम