मध्य प्रदेश में माटी कला बोर्ड अध्यक्ष का पद 2 साल से खाली, नियुक्ति की उठी मांग
भोपाल 10 अक्टूबर (आईएएनएस) मध्य प्रदेश में मिट्टी का काम करने वाले परिवारों की मदद के लिए मिट्टी कला बोर्ड बनाया गया है मगर बीते दो सालों से इस बोर्ड के अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है lप्रजापति समाज ने इस पद को जल्दी भरे जाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है l अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार संघ के अतिरिक्त प्रदेश अध्यक्ष सतीश आहेलिया ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बोर्ड में अध्यक्ष की नियुक्ति करने की मांग करते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश में माटी कला बोर्ड वर्ष 2008 में बनाया गया परन्तु माटीकला बोर्ड बनाने का जो उद्देश्य था उस उद्देश्य के अनुरूप माटीकला बोर्ड ने कभी कार्य नहीं किया l
माटीकला बोर्ड का उद्देश्य प्रजापति समाज के लोग जो मिट्टी का कार्य करते है उनके व्यवसाय की वृद्धि एवं आर्थिक उन्नति के लिये विभिन्न प्रयास करना और जरूरी सुविधाएं दिलाना था l प्रदेश में मिट्टी की मूर्तियां, खिलौने, बर्तन , ईंट आदि उद्योगों के विकास के लिये सहायता, अनुदान की व्यवस्था करना है l सतीश आहेलिया ने बताया की प्रत्येक जिला पंचायत में माटी कला बोर्ड योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला अधिकारी नियुक्त है लेकिन समाज के लिए योजना का लाभ नहीं मिल रहा है l
बोर्ड के माध्यम से प्रजापति समाज को मिटटी, बर्तन, मूर्तियां, एवं अन्य मिटटी से बनी सामग्री का विक्रय करने के लिए सरकार ने कोई सुविधा नहीं दी l मिटटी का कार्य करने वालो के हित में बोर्ड के माध्यम से योजनाओं का लाभ दिया जाना चाहिए था संबंधित विभागों की मदद से निशुल्क मिट्टी, ईट भट्टे लगाने जगह ,पानी की उपलब्धता, उपयुक्त मार्केट, बिजली सुविधा उपलब्ध कराने से लेकर बैंकों से कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जाना चाहिए था लेकिन प्रदेश में माटी कला बोर्ड के उद्देश्य अनुरूप कार्य नहीं किए गए l
उन्होंने आगे कहा है कि माटी कला बोर्ड में विगत दो वर्ष से अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति नहीं की गई है जिसके कारण प्रजापति समाज की भूमिका और प्रतिनिधित्व माटी कला बोर्ड में खत्म हो गया है और माटी कला बोर्ड नाम मात्र का रह गया है l लगातार प्रजापति समाज प्रत्येक पंचायत में ईट और बर्तन बनाने मिट्टी की मांग करता रहा है लेकिन जामीन आरक्षित न होने के कारण मिट्टी उपलब्ध नहीं हो रही है l
इसका नतीजा यह हो रहा है कि यह समाज पारंपरिक रोजगार में पिछड़ता जा रहा है और यह समाज अति गरीब की श्रेणी में आ चुका है, मिट्टी की उपलब्धता न होने के कारण प्रजापति समाज की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है l
--आईएएनएस
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