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मध्य प्रदेश में मूंग उत्पादक किसानों से 60 प्रतिशत उपज खरीदी जाएगी

भोपाल, 30 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों और सरकार के बीच हुई बातचीत के बाद सरकार ने ऐलान किया है कि राज्य में किसानों से 25 प्रतिशत की बजाय 60 प्रतिशत उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। वहीं खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
 

भोपाल, 30 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों और सरकार के बीच हुई बातचीत के बाद सरकार ने ऐलान किया है कि राज्य में किसानों से 25 प्रतिशत की बजाय 60 प्रतिशत उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। वहीं खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।

राज्य के किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्री समूह का गठन किया था। इस समूह की किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बुधवार की देर रात को बैठक हुई। बैठक में कई किसान हितैषी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने कहा है कि भारत सरकार की ओर से इस साल ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन के लिए मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। भारत सरकार की योजना के अंतर्गत राज्य के कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन किए जाने का प्रावधान है। भारत सरकार के इसी नियम के अंतर्गत निर्णय लिया गया था कि प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों से उनकी उपज का 25 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित किया जाएगा।

मंत्री कंसाना ने बताया कि किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के बाद सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा, जो नर्मदापुरम, सीहोर एवं हरदा जैसे जिलों में लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ आता है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि भी 10 दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब किसान 30 जुलाई के स्थान पर 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे। इसी प्रकार उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त की जा रही है।

कृषि मंत्री के अनुसार, जहां तक खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था से संबंधित शिकायतों और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए ए टोकन व्यवस्था को स्थगित कर दिया गया है, वहीं कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी सभी समस्याओं का परीक्षण कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। समिति की अनुशंसाओं के आधार पर आवश्यक सुधार तत्काल किए जाएंगे।

--आईएएनएस

एनपी/डीसीएच