झारखंड में रामनवमी पर निकली भव्य शोभायात्राएं, रांची में बारिश के बीच झूमते रहे रामभक्त
रांची, 27 मार्च (आईएएनएस)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव 'रामनवमी' के अवसर पर शुक्रवार को झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के तमाम छोटे-बड़े शहरों और गांवों में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवा ध्वज-पताकाओं और मनोहारी झांकियों के साथ निकली विशाल शोभायात्राओं ने पूरे प्रदेश को राममय कर दिया।
रांची में अपराह्न तीन बजे शोभायात्रा शुरू होते ही झमाझम बारिश ने दस्तक दी, लेकिन इसने रामभक्तों के उत्साह को दोगुना कर दिया। 'जय श्रीराम' के नारों के बीच भीगते हुए अखाड़ाधारी और श्रद्धालु पूरी ऊर्जा के साथ पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन करते हुए डोरंडा स्थित प्राचीन तपोवन मंदिर की ओर बढ़ते रहे, जहां रात 10 बजे तक शोभायात्रा का समापन होगा।
राजधानी की सड़कों पर इस बार नारी शक्ति का अद्भुत रूप देखने को मिला। 'नारी सेना' की सदस्य सिर पर भगवा पगड़ी बांधे और हाथों में तलवार-लाठी थामे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर करतब दिखाती नजर आईं। रांची के करीब 1,700 अखाड़ों से निकली छोटी-बड़ी शोभायात्राओं का महासंगम महावीर चौक और फिरायालाल चौक पर हुआ। यहां से विशालकाय पताकाओं का कारवां जब गुजरा, तो आसमान भगवा रंग से पट गया। भक्तों की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए थे, जहाँ खिचड़ी, हलवा, शरबत और मिठाइयों का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी तपोवन मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ सहित कई विशिष्ट हस्तियों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की।
झारखंड में हजारीबाग की रामनवमी अपनी विशिष्ट परंपरा के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जहां शोभायात्रा का यह 108वां वर्ष है। यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु झांकियों का कारवां देखने पहुंचे हैं, जो रविवार शाम तक जारी रहेगा। जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद और दुमका सहित अन्य जिलों में भी सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच भव्य जुलूस निकाले गए। रांची में सुरक्षा व्यवस्था की कमान एसएसपी राकेश रंजन ने संभाल रखी है। संवेदनशील इलाकों और ऊंची इमारतों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है, जबकि पूरे शहर में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग की जा रही है।
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