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मध्य प्रदेश: कृषि विभाग में हजारों रिक्त पदों पर जीतू पटवारी ने उठाए सवाल, पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग

भोपाल 5 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य की सरकारी उदासीनता पर सवाल उठाए। साथ ही आरोप लगाया कि कृषि विभाग में हजारों पद रिक्त है जिससे किसान बुरी तरह बेहाल हैं।
 
मध्य प्रदेश: कृषि विभाग में हजारों रिक्त पदों पर जीतू पटवारी ने उठाए सवाल, पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग

भोपाल 5 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य की सरकारी उदासीनता पर सवाल उठाए। साथ ही आरोप लगाया कि कृषि विभाग में हजारों पद रिक्त है जिससे किसान बुरी तरह बेहाल हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे गए पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश को देश का कृषि प्रधान राज्य कहा जाता है, मगर राज्य की कृषि व्यवस्था ही सरकारी उदासीनता के बोझ तले दम तोड़ रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है किंतु सरकारी तंत्र की स्थिति इस घोषणा का मजाक उड़ा रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के कृषि विभाग की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में साढ़े 14 हजार पद स्वीकृत हैं, जिनमें से लगभग साढ़े आठ हजार पद रिक्त पड़े हैं। इसका आशय साफ है कि 60 फीसदी अमला गैर हाजिर है। ऐसे में किसानों की समस्याओं का समाधान कैसे संभव है जो सरकार की ओर से दावा किया जाता है। यह स्थिति सिर्फ कृषि विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि से जुड़े लगभग सभी सहयोगी विभागों का यही आलम है।

देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान है जिनका मध्य प्रदेश से नाता है और वह लगभग दो दशक तक राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने आगे लिखा कि केंद्र सरकार में कृषि मंत्री के रूप में कार्यरत चौहान लगभग दो दशक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे यदि उस लंबे कार्यकाल में कृषि व्यवस्था को मजबूत किया गया होता तो आज प्रदेश का कृषि तंत्र इस तरह खाली और कमजोर नहीं होता।

उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि राज्य में कृषि और उससे जुड़े विभागों के रिक्त पदों की स्थिति की तत्काल समीक्षा की जाए। वहीं किसानों से जुड़े विभागों में शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित करें और कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाने की राष्ट्रीय रणनीति तैयार करें।

--आईएएनएस

एसएनपी/एसके/वीसी