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मध्य प्रदेश की शराब टेंडर प्रक्रिया की जांच हो : जीतू पटवारी

भोपाल 22 अगस्त (आईएएनएस ) कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर शराब टेंडर प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
 

भोपाल 22 अगस्त (आईएएनएस ) कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर शराब टेंडर प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे पत्र में कहा कि वर्ष 2012-13 से 2026-27 तक शराब कारोबार में कुछ चुनिंदा कंपनियों का लगातार प्रभाव बना हुआ है। सामने आए दावों के अनुसार चार समूहों के पास लगभग 70 प्रतिशत बाजार है तथा कई जिलों में वर्षों से उन्हीं कंपनियों को लगातार टेंडर मिलते रहे हैं। यदि यह तथ्य सही है तो यह महज संयोग नहीं माना जा सकता। इससे प्रदेश की पूरी टेंडर व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टेंडर व्यवस्था लागू होने के बावजूद यदि टेंडर के परिणामों में पुराने पैटर्न की पुनरावृत्ति हो रही है तो सरकार को प्रदेश की जनता के सामने इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की कार्रवाई के बाद वर्ष 2022 में जिस कथित पैटर्न के टूटने की बात सामने आई थी, उसके बाद यदि फिर वही स्थिति दिखाई दे रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

पटवारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि सरकार शराब कारोबार से हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने वाले कारोबारियों के हितों की रक्षा कर रही है या प्रदेश के राजस्व और जनता के हितों की? उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व किसी कारोबारी समूह को संरक्षण देना नहीं, बल्कि निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के राजस्व और जनहित की रक्षा करना है।

पटवारी ने मांग की है कि वर्ष 2012-13 से अब तक प्रदेश में शराब के सभी प्रमुख टेंडरों का स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय ऑडिट कराया जाए। किन कंपनियों ने किन-किन जिलों में कितने वर्षों तक लगातार टेंडर प्राप्त किए, इसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। प्रत्येक टेंडर में भाग लेने वाली कंपनियों, उनकी बोली, पात्रता तथा अंतिम चयन की प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए।

उन्होंने मांग की है कि यह जांच कराई जाए कि किसी कंपनी अथवा कंपनियों के समूह ने बाजार में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित तो नहीं किया। टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत, कार्टेल अथवा किसी अधिकारी और कंपनी के बीच गठजोड़ की आशंका होने पर स्वतंत्र जांच कराई जाए।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएस