मध्य प्रदेश की 12 उद्यानिकी फसलों को मिला जीआई टैग, पैदावार बढ़ाने के प्रयास जारी
भोपाल 30 जून (आईएएनएस) मध्य प्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है क्योंकि राज्य की 12 उद्यान की फसलों को जीआई टैग हासिल हुआ है। संभवत: देश में यह पहला अवसर है जब किसी राज्य की 12 उद्यानिकी फसलों को जीआई टैग मिला हो । दरअसल राज्य में उद्यानिकी फसलों की पैदावार बढ़ाने के निरंतर प्रयास जारी हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के आय को दो गुना बढ़ाने के लिए उनसे उद्यानिकी फसलों की खेती से जुड़ने का आह्वान किया है। फिलहाल 28 लाख हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलों की खेती हो रही है। वर्ष 2030 तक 30 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई गई है।
राज्य में उद्यानिकी फसलों के बढ़ते रकबे के साथ उन्हें विशिष्ट पहचान भी मिल रही है, इन्हीं में से एक है गी टैग। गुना का धनिया, नरसिंहपुर बरमान घाट का बेंगन, बैतूल गजरिया आम, खरगौरी की लाल मिर्च, मांडू की खुरसानी इमली, जबलपुर का मटर, सिवनी का सीताफल, मालवी आलू और गराड़ू, नरसिंहपुर गुड, जबलपुर सिंघाड़ा, आलीराजपुर का नूरजहां आम, बुरहानपुर का केला, इंदौरी जीरावन, रतलाम सैलाना बालम ककड़ी और छतरपुर का पान जीआई टैग पानी वाली उद्यान की फसलों में शामिल है।
इसके अलावा उज्जैन की इमली, आलीराजपुर का अचारी आम, मालवा का सफेद प्याज, झाबुआ का दाल पानिया, मंदसौर का देशी जीरा, बुरहानपुर की जलेबी, अशोक नगर की खिरनी को जी आई टैग दिलवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। कृषक कल्याण वर्ष में यह एक बड़ी उपलब्धि है।
राज्य में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है। इस दौरान जहां खेती किसानी के लिए दी जाने वाली सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर किसानों को फसल का उचित दाम दिलाने के प्रयास भी जारी है ।
--आईएएनएस
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