मध्य प्रदेश के हजारों स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे: कमलनाथ
भोपाल, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य में सात हजार से ज्यादा ऐसे विद्यालय हैं जो एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राज्य मे 7000 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ़ एक ही अध्यापक है। क्या यह प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ नहीं है? आए दिन नये-नये स्कूलों की घोषणा करते जाना और वहां न किसी भवन का निर्माण करना, न अध्यापकों की भर्ती करना, ये भाजपा सरकार की आदत बन गई है।
राज्य सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि लाखों करोड़ रुपये का कर्ज़ लेने के बावजूद अगर स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की जा सकती है, तो फिर यह धन कहां जा रहा है? स्कूलों में अध्यापकों की कम संख्या का विषय पूर्व में भी कई बार उठाया गया है, लेकिन सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इन विद्यालयों में छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की भर्ती की जाए और विद्यार्थियों का भविष्य चौपट होने से रोका जाए। दरअसल, राज्य में 92,000 से ज्यादा सरकारी स्कूल है। राज्य सरकार लगातार नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के प्रयास कर रही है। स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन हो और ड्रॉप आउट रेट कम हो इसी उद्देश्य से प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर 7000 से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं जो एक शिक्षक के भरोसे हैं और इसी बात को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाया है।
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