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मध्य प्रदेश का किसान खाद और बीज के लिए परेशान : जीतू पटवारी

भोपाल, 11 जून (आईएएनएस)। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए किसानों को खाद और बीज उपलब्ध न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का गरीब, कर्जदार किसान तो आज भी खाद, बीज, सिंचाई, उचित मूल्य, बढ़ते कर्ज के संकट से जूझ रहा है।
 
मध्य प्रदेश का किसान खाद और बीज के लिए परेशान : जीतू पटवारी

भोपाल, 11 जून (आईएएनएस)। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए किसानों को खाद और बीज उपलब्ध न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का गरीब, कर्जदार किसान तो आज भी खाद, बीज, सिंचाई, उचित मूल्य, बढ़ते कर्ज के संकट से जूझ रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए लिखा, ''राज्य के अशोकनगर, सिवनी, विदिशा, गुना, राजगढ़ जैसे कई जिलों में किसान आधी रात से खाद के लिए लाइन लगा रहे हैं, ई-टोकन के लिए रातभर जाग रहे हैं, बोवनी के इस समय में खाद-बीज की किल्लत झेल रहे हैं।''

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किसानों की स्थिति में आ रहे बदलाव की बात पर जीतू पटवारी ने कहा, "मेरी समझ से यह परे है कि आप कौन-से देश के किसानों की समृद्धि की तस्वीर बता रहे हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश का गरीब, कर्जदार किसान तो आज भी खाद, बीज, सिंचाई, उचित मूल्य, बढ़ते कर्ज के संकट से जूझ रहा है।"

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा, पीएम-किसान सम्मान निधि पर सवाल उठाया और कहा कि जब डीजल, खाद, बीज और कृषि लागत रोजाना और लगातार बढ़ रही है तो किसानों की वास्तविक आय क्यों नहीं बढ़ रही?

उन्होंने किसान आत्महत्या को लेकर कहा कि देश में किसान, कृषि मजदूर आत्महत्याओं का संकट भी चिंता का सबसे बड़ा विषय है। राष्ट्रीय आंकड़े बताते हैं कि 2023 में खेती-किसानी से जुड़े आत्महत्या के मामलों में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। किसान सम्मान निधि की छह हजार रुपए की सालाना सहायता ऊंट के मुंह में 'राई' है, क्योंकि यह राशि बढ़ती कृषि लागत, महंगी खाद, बिजली, सिंचाई और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं कर पा रही है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि किसान को अब भाषण नहीं, समय पर खाद चाहिए। सरकारी प्रचार नहीं, उपज का लाभकारी मूल्य चाहिए। किसान को हैशटैग नहीं, खेती की गारंटी चाहिए। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी राज्य के इस जमीनी सच से इनकार नहीं कर सकते कि जब तक खेत की मेड़ पर खड़ा किसान समृद्ध नहीं होगा, तब तक सोशल मीडिया पर लिखी गई 'किसान समृद्धि' झूठी ही मानी जाएगी।

--आईएएनएस

एसएनपी/एसके