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मध्य प्रदेश: देश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य: अमित शाह

भोपाल, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि देश में नक्सलवाद खत्म हो गया है और अब 2029 के अंत तक नशा मुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।
 

भोपाल, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि देश में नक्सलवाद खत्म हो गया है और अब 2029 के अंत तक नशा मुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश को नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। अब बारी पूरे देश को नशामुक्त बनाने की है। भारत को वर्ष 2029 के अंत तक नशामुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।

अमित शाह ने नागरिकों से मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक पूर्णतः नशामुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने और इस दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नशामुक्ति के लिए सभी संभव योजनाएं तैयार की जाएंगी। इससे देश-प्रदेश के युवाओं को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने मध्य प्रदेश में करीब 50 एकड़ भूमि में गौवंश एवं भैंसों की नस्ल सुधार का काम प्रारंभ करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कारगर उपायों से ही मप्र अगले तीन साल में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगा।

उन्होंने कहा कि आज यहां न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अंग्रेजी दौर के कई कानूनों को समाप्त कर अपनी न्याय संहिता लागू की है। हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान कभी तारीख-पे-तारीख से होती थी, लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता में एफआईआर के बाद 3 वर्ष में दोषी को सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। अंग्रेजों ने अपनी सरकार को बचाने के लिए कानून बनाए थे।

उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिता के मूल में न्याय दिलाना है, दंड नहीं। दंड सिर्फ अपराध रोकने के लिए ही है। इससे हर भारतीय के सम्मान की रक्षा होगी। इस नवीन न्याय संहिता से भारतीय न्यायपालिका शीघ्र ही दुनिया का सबसे आधुनिक न्याय तंत्र बन जाएगी। इसमें ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एफएसएल के प्रावधान और कई आधुनिक वैज्ञानिक प्रावधान इसमें जोड़े गए हैं। महिला सुरक्षा, आतंकवाद, लिंचिंग तक से प्रोटेक्शन की व्यवस्था की गई है।

--आईएएनएस

एसएनपी/डीकेपी