मध्य प्रदेश कैबिनेट में बड़े फैसले, 3378 करोड़ रुपए की 4 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
भोपाल, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किसानों, सामाजिक कल्याण, शिक्षा, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप ने बताया कि नर्मदा घाटी विकास की चार सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 3,378 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी से संबंधित हैं। इसके साथ ही वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की तैयारियों और इसके विभिन्न आयामों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
चेतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने को लेकर विस्तृत जानकारी दी। प्रदेश के करीब 12 जिलों में वर्षा का स्तर निर्धारित मापदंड के अनुसार 80 प्रतिशत से कम बताया जा रहा है, हालांकि सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए अभी प्रभावित क्षेत्रफल की समीक्षा की जा रही है। मंत्री ने कहा कि सूखा घोषित करने के दो मापदंड होते हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक जिले की स्थिति का अलग-अलग आकलन किया जाए और उसके आधार पर किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में प्रशासनिक कार्यकाल के 25 वर्ष पूरे होने पर सेवा संकल्प अभियान चलाया गया। इसके विभिन्न कार्यक्रम प्रदेश में सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत 1,345 शिविर लगाए गए, जिनमें 17 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
इसी तरह, सेवा ज्योति यात्रा के तहत 1,600 से ज्यादा यात्राएं निकाली गईं। 'सेवा में मेरा योगदान' कार्यक्रम में 11 प्रकार की सेवाओं को चिन्हित कर जन-जागरूकता बढ़ाई गई और 50 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही। 'नमो सेवा नुक्कड़' के माध्यम से ट्रॉलियों पर देश के विकास की गाथा प्रस्तुत की गई। इसमें वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
कश्यप ने कहा कि पिछले डेढ़ सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश को तीन से चार क्षेत्रों में पुरस्कार मिले हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और पर्यटन से संबंधित पुरस्कारों का भी उल्लेख किया गया। प्रदेश के पर्यटन विभाग को स्टेट टूरिज्म ऑफ इंडिया का पुरस्कार मिला। विश्व कौशल प्रतियोगिता में पन्ना जिले के युवा अजय अहिरवार ने भी देश का प्रतिनिधित्व किया। आईटीआई में नेशन ट्रेड की पढ़ाई कर रहे अहिरवार वेल्ड जोड़ने की कौशल प्रतियोगिता में भारत में प्रथम स्थान पर रहे। इसके अलावा पश्चिमी क्षेत्र की बिजली पारेषण कंपनी का ट्रांसमिशन लॉस 2.6 प्रतिशत रहा, जिसके लिए उसे राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसफर अवॉर्ड मिला। इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई।
कैबिनेट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने के लिए 345 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी। मंत्री ने कहा कि सरकार हर प्रकार के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों से जुड़े सामने आए मामलों में अब तक 201 प्रकरणों के तहत 392 लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों में एआई और नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 2,050 करोड़ रुपए के प्लान को मंजूरी दी गई।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण की सात योजनाओं के लिए कुल 651 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। निवाड़ी समेत चार नए जिलों में जिला शिक्षा कार्यालयों के संचालन को भी मंजूरी मिली। नर्मदा घाटी विकास की वर्ष 2019-20 से संचालित चार योजनाओं को जारी रखने के प्रस्ताव भी पारित किए गए। मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर से तीन दिनों तक मनाया जाएगा। 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 21 और 22 दिसंबर को सेवा चिंतन शिविर आयोजित करने की योजना है, जिसमें मंत्री, सांसद और विधायक सरकार के तीन वर्षों के कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर विचार करेंगे।
दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपने गृह जिलों और प्रभार वाले जिलों में माटी कला को प्रोत्साहित करने और मिट्टी के दीपकों का अधिक उपयोग करने की अपील की है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के माटी कला शिल्पकारों को आर्थिक लाभ मिल सके।
--आईएएनएस
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