मदरसों के मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान स्वागत योग्य: काजी नज्म अली
मिर्जापुर, 29 सितंबर (आईएएनएस)। काजी नज्म अली ने मदरसों की समस्याओं के समाधान और शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन बहाली को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मदरसों से जुड़ी समस्याएं केवल आधुनिकीकरण शिक्षकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिग्री, नियुक्ति, पेंशन और मान्यता से जुड़े कई अन्य मुद्दे भी हैं। काजी नज्म अली ने अपील की कि समाजवादी पार्टी इन सभी मुद्दों को अपने घोषणापत्र में शामिल करे।
अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जिसमें मदरसों की समस्याओं के समाधान और शिक्षकों की तैनाती तथा वेतन बहाल करने की बात कही गई है, काजी नज्म अली ने इसे स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मदरसों को याद किया और आधुनिकीकरण शिक्षकों से जुड़े मुद्दे पर बयान दिया, यह सराहनीय है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मदरसों की समस्याएं कई स्तरों पर हैं और सभी को एक साथ संबोधित किए जाने की जरूरत है।
काजी नज्म अली ने कामिल और फाजिल की डिग्रियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन डिग्रियों के निरस्त होने से जुड़ी समस्या को भी राजनीतिक घोषणापत्र में जगह मिलनी चाहिए। समाजवादी पार्टी की सरकार पहले कई बार प्रदेश में रही है और मुस्लिम समाज ने भी पार्टी का समर्थन किया है। यदि पहले ही कामिल और फाजिल की डिग्रियों के लिए किसी विश्वविद्यालय की स्थापना कर उन्हें वहां से मान्यता दिलाने की व्यवस्था की गई होती तो आज इन डिग्रियों के निरस्त होने की स्थिति नहीं आती।
उन्होंने कहा कि मदरसों में शिक्षकों की नियुक्ति और उनके वेतन से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ पेंशन का मामला भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में मदरसों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं हो रही हैं और मदरसों को मंजूरी मिलने से जुड़ी समस्याएं भी बनी हुई हैं। सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की जगह नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से भी मदरसों के सामने समस्या खड़ी हो रही है।
काजी नज्म अली ने समाजवादी पार्टी से अपील की कि वह इन सभी मुद्दों को अपने मंसूर, दस्तूर और चुनावी घोषणापत्र में शामिल करे। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी सरकार बनने की स्थिति में इन समस्याओं के समाधान का स्पष्ट वादा करती है तो यह मदरसों के हित में बेहतर होगा।
--आईएएनएस
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