किसी को नीचे गिराकर हम खुद ऊपर नहीं उठ सकते : जीनत अमान
मुंबई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। बीते जमाने की अभिनेत्री जीनत अमान सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं और अक्सर अपने विचार शेयर करती रहती हैं। सोमवार को भी उन्होंने ऐसा ही खास पोस्ट किया, जिसे उन्होंने अपनी मां को समर्पित किया।
इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए उन्होंने बताया कि उनकी मां अपने समय से बहुत आगे थी। उन्होंने समाज की कठोर आलोचनाओं का सामना करते हुए अपनी शर्तों पर जिंदगी जी थी।
जीनत ने अपनी कुछ तस्वीरें पोस्ट की। उन्होंने इसके साथ लिखा, "मेरी मां एक धार्मिक हिंदू महिला थीं, लेकिन उनके जीवन के फैसले उस दौर के हिसाब से काफी अलग थे। मेरी मां ने एक मुस्लिम व्यक्ति (मेरे पिता) से शादी की थी। उस रिश्ते के अंत के बाद, उन्होंने एक जर्मन प्रोटेस्टेंट से शादी की और जब उनका भी निधन हो गया, तो उन्होंने मुझे अकेले ही पाला और मेरे करियर की शुरुआत में मेरा साथ दिया।"
उन्होंने बताया कि इन अंतर-धार्मिक फैसलों की वजह से उनकी मां को समाज में काफी विवादों और चर्चाओं का सामना करना पड़ा था।
अभिनेत्री ने लिखा, "मेरी मां का मानना था कि लोगों की राय उनकी अपनी होती है। उन्होंने मुझे सिखाया कि अगर आपके पास किसी के बारे में कहने के लिए कुछ भी नहीं है, तो आपका चुप रहना ही बेहतर है। मैं हमेशा सोच-समझकर ही बोलती हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि किसी दूसरे को नीचे गिराकर हम कभी ऊपर नहीं उठ सकते।"
जीनत ने आगे लिखा, "आजकल मैं अपने दिल में बहुत कम नफरत रखती हूं और बिना वजह मिलने वाली आलोचना को भी हल्के में ही लेती हूं। कल मैं एक दोस्त के साथ अपनी मां की इन सीखों के बारे में बात कर रही थी, तो उसने मुझे एक शानदार कोट भेजा था।"
जीनत ने अपने प्रशंसकों से भी एक सवाल पूछा कि वे बिना वजह की आलोचना पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।
--आईएएनएस
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