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एम. वी. श्रीधर: घरेलू क्रिकेट में 21 शतक, 366 सर्वश्रेष्ठ स्कोर, टीम इंडिया में फिर भी नहीं मिला मौका

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हर दौर में एक मुश्किल काम रहा है। ऐसे कई क्रिकेटर हुए हैं जिनका घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है, लेकिन उन्हें कभी भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। एम. वी. श्रीधर का नाम भी ऐसे ही क्रिकेटर के रूप में लिया जाता है।
 

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हर दौर में एक मुश्किल काम रहा है। ऐसे कई क्रिकेटर हुए हैं जिनका घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है, लेकिन उन्हें कभी भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। एम. वी. श्रीधर का नाम भी ऐसे ही क्रिकेटर के रूप में लिया जाता है।

एम. वी. श्रीधर का जन्म 2 अगस्त 1966 को विजयवाड़ा में हुआ था। श्रीधर को बचपन से ही क्रिकेट में रुचि में थी। वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे और दाएं हाथ के ही पार्ट टाइम ऑफ स्पिन गेंदबाज थे।

श्रीधर ने 1988-89 में हैदराबाद के लिए प्रथम श्रेणी मैच में डेब्यू किया था। उनका घरेलू करियर करीब दस वर्ष का रहा है। इस दौरान वह टीम के अहम बल्लेबाज रहे और अपनी बल्लेबाजी से कई रिकॉर्ड भी बनाए, लेकिन उन्हें भारतीय टीम के लिए खेलने का कभी मौका नहीं मिला।

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज के घरेलू करियर पर गौर करें, तो उन्होंने हैदराबाद के लिए 97 प्रथम श्रेणी मैचों की 150 पारियों में 21 शतक और 27 अर्धशतक लगाते हुए 6,701 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने तिहरा शतक भी लगाया था। श्रीधर ने 1993-94 में रणजी ट्रॉफी मैच में आंध्रप्रदेश के खिलाफ हुए मैच में 366 रन की पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने घरेलू क्रिकेट में उन्हें एक लोकप्रिय बल्लेबाज के रूप में स्थापित कर दिया था। हालांकि, इस पारी के बावजूद राष्ट्रीय टीम का दरवाजा उनके लिए कभी नहीं खुल सका। 1998-99 में श्रीधर ने आखिरी बार हैदराबाद के लिए खेला।

एम. वी. श्रीधर ने 2013 में एन. श्रीनिवासन के कार्यकाल के दौरान बीसीसीआई के जनरल मैनेजर का पद संभाला था और उसी साल सितंबर में पद छोड़ भी दिया था। श्रीधर का निधन मात्र 51 साल की उम्र में 30 अक्टूबर 2017 को दिल का दौरा पड़ने से हो गया था। उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। हैदराबाद के इस दिग्गज खिलाड़ी को आज भी घरेलू क्रिकेट में सम्मानित बल्लेबाज के तौर पर देखा जाता है।

--आईएएनएस

पीएके