लखनऊ: छेड़छाड़ मामले में दोषी ऑटो चालक मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने किया गिरफ्तार
लखनऊ, 31 मई (आईएएनएस)। लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र में एक युवती से छेड़छाड़, गाली-गलौज और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित ऑटो चालक सनी यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) डॉ. दीक्षा शर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि 30 मई को विकासनगर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके ऑटो चालक सनी यादव ने उनकी पुत्री के साथ अश्लील हरकतें कीं। जब युवती ने विरोध किया तो आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में युवती को गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पीड़ित परिवार की तहरीर पर विकासनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासनगर पुलिस ने आरोपी की तलाश में छापेमारी अभियान चलाया।
शनिवार देर रात पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि वांछित आरोपी सनी यादव लखनऊ के टेढ़ी पुलिया क्षेत्र में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) उत्तरी क्षेत्र के आवासीय परिसर के निकट छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने आरोपी को घेर लिया और उसे आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया, लेकिन आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी कर।
आरोपी की पहली गोली थानाध्यक्ष के सरकारी वाहन के गेट पर लगी, जबकि दूसरी गोली पास के मैदान में जा लगी। पुलिस टीम ने अपनी जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि इस मुठभेड़ में आरोपी सनी यादव के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया और चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने आरोपी से एक अवैध तमंचा बरामद कर लिया।
डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि आरोपी सनी यादव के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। आरोपी के अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है।
प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी किसी भी घटना पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। पीड़ित परिवार ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आरोपी को कड़ी सजा मिलेगी ताकि भविष्य में कोई भी महिला इस तरह के अपराध का शिकार न बने।
--आईएएनएस
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