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लखनऊ कोचिंग हादसा : ‘पापा मुझे बचा लो’, बेटे की अंतिम पुकार पर भावुक हुए पिता

लखनऊ, 22 जून (आईएएनएस)। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को भड़की आग में 15 लोगों की मौत हो गई, इनमें कुछ छात्र भी हैं। हादसा इतना भयावह था कि कई छात्रों ने जान बचाने के लिए कोचिंग सेंटर की छत से छलांग लगा दी। इस घटना से उन परिवारों में दहशत का माहौल है, जिनके बच्चे कोचिंग सेंटर में थे और घटना के बाद ढूंढने पर नहीं मिल रहे हैं।
 
लखनऊ कोचिंग हादसा : ‘पापा मुझे बचा लो’, बेटे की अंतिम पुकार पर भावुक हुए पिता

लखनऊ, 22 जून (आईएएनएस)। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को भड़की आग में 15 लोगों की मौत हो गई, इनमें कुछ छात्र भी हैं। हादसा इतना भयावह था कि कई छात्रों ने जान बचाने के लिए कोचिंग सेंटर की छत से छलांग लगा दी। इस घटना से उन परिवारों में दहशत का माहौल है, जिनके बच्चे कोचिंग सेंटर में थे और घटना के बाद ढूंढने पर नहीं मिल रहे हैं।

आलमबाग में रहने वाले पारिजोत सिंह ने बताया कि उनके बेटे का फोन आया था कि पापा, आग लग गई है, मुझे बचा लीजिए। इसके बाद हम लोग घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने हमें जाने से रोक दिया। अभी तक बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है, हम बहुत परेशान हैं।

आईएएनएस से बातचीत में भावुक हुए पिता ने कहा कि हमें अभी तक अपने बेटे के बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं मिली है। पुलिस हमें आगे नहीं जाने दे रही है। उन्होंने हमें पीछे हटने के लिए कहा है और बताया है कि प्रशासन स्थिति को संभाल रहा है। बेटे से आखिरी बार बात तब हुई, जब उसने आग की घटना के बारे में जानकारी दी।

कोचिंग सेंटर में लगी आग पर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की वाइस चांसलर प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि मुझे हर पल की जानकारी है। अलीगंज में आग लगने की घटना हुई है, हम जितना हो सके लोगों को बचाने की कोशिश करेंगे। लेकिन जिनकी मौत हो चुकी है, उनका पोस्टमार्टम करना जरूरी है। जिन लोगों का इलाज हो सकता है, उन्हें बचाने पर हमारा पूरा ध्यान है।

केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेम राज सिंह ने कहा कि अस्पताल में कुल 21 लोगों को लाया गया, जिनमें से छह की हालत स्थिर है। एक बच्चा जो ऊपरी मंजिल से कूदा था, उसकी कमर में चोट आई है और वह भी स्थिर है। बाकी 15 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। हम जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं और शवों को मुर्दाघर भेज रहे हैं। अस्पताल में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं और दवाओं या बेड की कोई कमी नहीं है।

मृतक आदित्य श्रीवास्तव के रिश्तेदार विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि वह मेरा चचेरा भाई था। आग लगने पर वह अंदर फंस गया था।

दूसरी ओर इस घटना को लेकर चश्मदीदों का कहना है कि बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट हुआ और फिर आग ऊपर की ओर फैल गई। छह से सात छात्रों ने जान बचाने के लिए छलांग लगाई।

एक राहगीर ने कहा कि हम काम पर जा रहे थे, तभी हमने आग लगते देखी और यह देखने के लिए रुक गए कि क्या हो रहा है। यहां लोग कह रहे हैं कि बच्चे इमारत के अंदर फंसे हुए हैं।

एक स्थानीय निवासी ने कहा कि यहां लोगों ने मुझे बताया कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। पूरी जानकारी आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। मैं अभी-अभी यहां पहुंचा हूं।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम