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'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ,' पदयात्रा से एनडीए नेता बोले-राहुल गांधी को कोई गंभीरता से नहीं लेता

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा निकाली गई। इस यात्रा में यूपी भाजपा चीफ के अलावा योगी सरकार में मंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए।
 

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा निकाली गई। इस यात्रा में यूपी भाजपा चीफ के अलावा योगी सरकार में मंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए।

मीडिया से बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि भारत में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। लोगों को अराजक तत्वों के प्रति सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि अराजकता को कोई जगह न मिल सके।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास और कुछ नहीं बचा है। जनता ने उन्हें नकार दिया है। जिस व्यक्ति को जनता ने नकार दिया हो, उसकी बातों का कोई महत्व नहीं है।

मंत्री आशीष सिंह पटेल ने कहा कि विपक्ष के सदस्य चीजों में बाधा डालने और अफरातफरी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरा एनडीए आज एक साथ आया है और यह मार्च निकाल रहा है। विपक्ष ने हमेशा लोकतंत्र के खिलाफ ही काम किया है, जबकि एनडीए लोकतंत्र के खिलाफ कभी नहीं जाती है।

राहुल गांधी के सीईसी के इस्तीफे वाली मांग पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि कोई जनता के वोटों द्वारा सांसद चुना जाता है और वह सीईसी का इस्तीफा मांगे तो ऐसा लगता है कि वह जनप्रतिनिधि नहीं हो सकता है। जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधि को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का अधिकार देती है, चाहे वह संस्था के भीतर हो या सड़कों पर। राहुल गांधी हाथ में संविधान की कॉपी लेकर सिर्फ घूमते हैं, उसे पढ़ते नहीं हैं। उनके द्वारा फैलाए जा रहे झूठ पर कोई विश्वास नहीं करेगा।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इंडिया ब्लॉक की रैली का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष न तो कहीं दिखाई देगा और न ही भविष्य में कभी दिखेगा। सभी जानते हैं कि विपक्ष केवल अपने निजी स्वार्थों को साधने में लगा रहता है। हमने उन्हें कभी भी भारत या उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा के लिए काम करते हुए नहीं देखा है।

उन्होंने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान, संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा और शांति, सुशासन एवं विकास के मार्ग को सशक्त बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा ही सशक्त और समृद्ध भारत की आधारशिला है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी