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लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सियासत तेज, भाजपा व सहयोगी दलों ने किया विरोध

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने की मांग वाले प्रस्ताव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से लाए गए इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया है। भाजपा व उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने साफ कहा है कि उन्हें लोकसभा अध्यक्ष पर पूरा विश्वास है और यह प्रस्ताव सदन में टिक नहीं पाएगा।
 
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सियासत तेज, भाजपा व सहयोगी दलों ने किया विरोध

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने की मांग वाले प्रस्ताव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से लाए गए इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया है। भाजपा व उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने साफ कहा है कि उन्हें लोकसभा अध्यक्ष पर पूरा विश्वास है और यह प्रस्ताव सदन में टिक नहीं पाएगा।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ लोग संसद को चलने नहीं देना चाहते और इस तरह का प्रस्ताव लाना पूरी तरह अनुचित है।" उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव लाता है तो यह “बेवकूफी की हद पार करने” जैसा कदम होगा।

वहीं, भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने अब तक यह स्पष्ट ही नहीं किया है कि आखिर किस कारण से वे लोकसभा अध्यक्ष को हटाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया यह अविश्वास प्रस्ताव सदन में बुरी तरह से हार जाएगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल ने कई बार सदन में लोकसभा अध्यक्ष के पद का अपमान किया है, जो संसद की गरिमा के खिलाफ है। राहुल गांधी अपने नेतृत्व में अब तक 95 चुनाव हार चुके हैं और आने वाले चुनावों में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा।"

भाजपा सांसद अरुण गोविल ने भी लोकसभा अध्यक्ष के प्रति अपनी पार्टी का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सभी सांसदों का विश्वास ओम बिरला में है और विपक्ष को जो कहना है, वह कहता रहे।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "उन्हें गर्व है कि उन्होंने ओम बिरला के साथ भारतीय जनता पार्टी की युवा इकाई में काम किया है। ओम बिरला ऐसे नेता हैं जो संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हैं और उनका पूरी तरह पालन करते हैं।"

इस मुद्दे पर भाजपा सांसद सुजीत कुमार ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 94 सदस्यों को स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लाने का अधिकार देता है, लेकिन सवाल यह है कि विपक्ष ऐसा क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह आरोप लगा रहा है कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जाता जबकि समय का निर्धारण संसदीय नियमों के तहत होता है।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत बहस होगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जो आरोप लगा रहा है, उसमें कोई सच्चाई नहीं है। जब उन्हें बोलने का मौका मिलेगा तो सबूतों के साथ अपनी बात रखनी होगी। सरकार इस पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और बहस के बाद सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।

--आईएएनएस

एसएके/पीयूष