लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मानसून सत्र में सांसदों से की सकारात्मक सहयोग की अपील की
नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि आज से 18वीं लोक सभा का आठवां सत्र- मानसून सत्र प्रारम्भ हो रहा है। देवराज इन्द्र के आशीर्वाद स्वरूप आज प्रातः दिल्ली में हुई वर्षा ने वातावरण को नव ऊर्जा और ताजगी से भर दिया है। इसी मंगलमय वातावरण में संसद राष्ट्र की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था के रूप में सभी माननीय सदस्यों का स्वागत करने के लिए तत्पर है।"
ओम बिड़ना ने एक्स पर लिखा, "लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर ‘संसद’ देश की जन-आकांक्षाओं, आशाओं और विश्वास की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। प्रत्येक संसदीय सत्र जनप्रतिनिधियों के लिए इन आकांक्षाओं को सार्थक संवाद, विचार-विमर्श, प्रभावी विधायी कार्यवाही तथा रचनात्मक सहभागिता के माध्यम से जनहित एवं राष्ट्रहित में परिणत करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।"
ओम बिड़ला ने कहा, "आशा है कि सभी सदस्य संविधान की भावना, संसदीय परंपराओं एवं मर्यादाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक सहयोग की भावना से सदन की कार्यवाही में सहभागी बनेंगे। अधिकतम विधायी एवं अन्य संसदीय कार्यों का संपादन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यही जनविश्वास को सुदृढ़ करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को और ऊंचा उठाने का सर्वोत्तम माध्यम है। आइए, हम सब मिलकर इस सत्र को सार्थक विमर्श, जनहितकारी निर्णयों और संसदीय गरिमा के अनुरूप संचालित करने का सामूहिक प्रयास करें।"
इसके पहले रविवार को लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से जनहित से जुड़े मुद्दों पर सुझाव मांगे।
बैठक के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया और उनसे उन मुद्दों पर अपने विचार रखने को कहा, जिन्हें वे सत्र के दौरान सदन में होने वाले कामकाज की सूची में शामिल कराना चाहते हैं।
बैठक में सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधायी और अन्य कार्यों को लेकर अपने विचार साझा किए थे। बैठक में शामिल सदस्यों ने सत्र के दौरान चर्चा के लिए जनहित और राष्ट्रीय महत्व से जुड़े कई मुद्दे सुझाए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रचनात्मक चर्चा, सार्थक भागीदारी और संसद की उच्च परंपराओं का पालन करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू और व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए पूरा सहयोग देने की अपील की, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक और सकारात्मक चर्चा हो सके।
--आईएएनएस
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