उत्तर प्रदेश: लोककला और विरासत को नई उड़ान, संगीत नाटक अकादमी-सुभारती विश्वविद्यालय के बीच एमओयू
लखनऊ, 2 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस पहल के जरिए दोनों संस्थान लोककला, संगीत, नृत्य, नाट्य परंपराओं और सांस्कृतिक अनुसंधान के क्षेत्र में मिलकर कार्य करेंगे। पर्यटन विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार की उपस्थिति में दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। लोककलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि हमारी पहचान और सांस्कृतिक चेतना की आधारशिला हैं। यदि इन्हें समय रहते संरक्षित नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूर हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के साथ पूर्व में भी चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। अब संगीत नाटक अकादमी और विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयासों से कला, संस्कृति, शिक्षा और शोध के क्षेत्रों में सहयोग का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि विलुप्ति की ओर बढ़ रही लोककलाओं को संरक्षित कर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना दोनों संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है।
एमओयू के तहत दोनों संस्थाएं विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शोध गतिविधियों के माध्यम से छात्रों तथा समाज के बीच लोक एवं शास्त्रीय कला रूपों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेंगी। साथ ही सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के लिए एक संस्थागत ढांचा भी विकसित किया जाएगा, जिससे अनुसंधान, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक विकास से जुड़े प्रयासों को नई गति मिल सके।
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा, फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट्स के डीन प्रो. पिन्टू मिश्रा, परफॉर्मिंग आर्ट्स विभाग की अध्यक्ष प्रो. भावना ग्रोवर, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह, निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर तथा पर्यटन सलाहकार जे.पी. सिंह सहित अकादमी और विश्वविद्यालय के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी राज्य में शास्त्रीय एवं लोक संगीत, नृत्य और नाट्य परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वहीं स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय भी शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार के लिए सक्रिय है। ऐसे में यह साझेदारी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और कला-संस्कृति आधारित शोध एवं प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
--आईएएनएस
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