लगातार गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला
मुंबई, 9 जनवरी (आईएएनएस)। लगातार चार सत्रों में गिरावट के बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार को भारती शेयर बाजार हरे निशान में खुला। इस दौरान बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में तेजी दर्ज की गई।
शुरुआती कारोबार में सपाट रहने के बाद खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 176 अंक या 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,357 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। तो वहीं निफ्टी 46 अंक या 0.18 प्रतिशत की उछाल के साथ 25,923 पर था।
इस दौरान, व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार बात करें तो, निफ्टी आईटी और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि निफ्टी फार्मा और रियल्टी इंडेक्स में करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई।
सेंसेक्स पैक में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में इटरनल, एचसीएल टेक, बीईएल, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड, इंफोसिस और बजाज फाइनेंस शामिल थे, जिनमें 0.5 प्रतिशत से 2.70 प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई और टॉप गेनर्स की।
वहीं दूसरी ओर, टीएमपीवी, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, सन फार्मा, टाटा स्टील और ट्रेंट कुछ ऐसे शेयर रहे जिनके शेयरों में 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई और टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि आज के कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक शेयर बाजारों के संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और संस्थागत निवेशकों के फंड फ्लो पर निर्भर रहने की उम्मीद है।
पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी कमजोर खुला और दिनभर दबाव में रहा। अंत में यह 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ। यह स्थिति बाजार में सतर्क माहौल और नए तेजी वाले संकेतों की कमी को दर्शाती है। अब निफ्टी के लिए 25,700 से 25,750 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ऊपर की ओर 26,000 से 26,050 के दायरे के ऊपर टिके रहना जरूरी है, ताकि और गिरावट से बचा जा सके। इसके अलावा, 26,150 से 26,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम कर रहा है।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि बैंक निफ्टी ने भी बाजार की कमजोरी का ही अनुसरण किया और बड़े बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के चलते इसमें गिरावट देखी गई। इस इंडेक्स के लिए 59,300 से 59,400 का स्तर अहम सपोर्ट जोन है, जो आगे की गिरावट को थामने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 59,900 से 60,000 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलने पर ही बैंक निफ्टी में तेजी की गति स्थिर हो सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट शाह ने आगे कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को चयनात्मक और अनुशासित रहने की सलाह दी जाती है, साथ ही बाजार में गिरावट के दौरान मौलिक रूप से मजबूत शेयरों पर ही ध्यान दें। निफ्टी में 26,400 के स्तर के ऊपर सही और टिकाऊ ब्रेकआउट मिलने के बाद ही नई लॉन्ग पोजीशन पर विचार करना चाहिए।
--आईएएनएस
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