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लद्दाख की तीन चोटियों पर फहराया तिरंगा, मिस्र में वायुसेना का शानदार प्रदर्शन

नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना के कोर ऑफ सिग्नल्स के पर्वतारोहण दल ने लद्दाख में तीन चुनौतीपूर्ण चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का शानदार परिचय दिया है। पर्वतारोहियों के इस दल ने महज 16 दिनों के भीतर 6,100 मीटर से लेकर 6,622 मीटर तक की ऊंचाई वाली तीन चोटियों को फतह किया।
 

नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना के कोर ऑफ सिग्नल्स के पर्वतारोहण दल ने लद्दाख में तीन चुनौतीपूर्ण चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का शानदार परिचय दिया है। पर्वतारोहियों के इस दल ने महज 16 दिनों के भीतर 6,100 मीटर से लेकर 6,622 मीटर तक की ऊंचाई वाली तीन चोटियों को फतह किया।

वहीं, गीजा के विशाल व ऐतिहासिक पिरामिडों की पृष्ठभूमि में वायुसेना की सारंग टीम ने स्वदेशी हेलीकॉप्टरों के साथ सटीक, अनुशासित व रोमांचक उड़ान भरी।

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सफल पर्वतारोहण अभियान के बाद कोर ऑफ सिग्नल्स के पर्वतारोहियों से मुलाकात की। गुरुवार को सेना प्रमुख ने पर्वतारोहण करने वाले दल के सदस्यों से बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने पर्वतारोहियों के साहस, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में लक्ष्य हासिल करने के जज्बे की सराहना की। अभियान के तहत इस दल ने 13 अगस्त को सबसे पहले 6,100 मीटर ऊंची माउंट कियागर री पर सफल चढ़ाई की। इसके बाद 24 अगस्त को 6,250 मीटर ऊंची माउंट मेंटोक कांगरी और फिर 29 अगस्त को 6,622 मीटर ऊंची माउंट चामसेर कांगरी को फतह किया गया।

लगातार ऊंचाई वाले चुनौतीपूर्ण इलाकों में यह अभियान को पूरा करना दल के लिए आसान नहीं था। लद्दाख की कठिन पर्वतीय परिस्थितियों के बीच तीनों चोटियों पर सफलता हासिल करना सैनिकों की शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और टीम भावना को दर्शाता है।

वहीं, मिस्र की ऐतिहासिक धरती पर भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने शानदार हवाई प्रदर्शन किया। गीजा के विशाल और ऐतिहासिक पिरामिडों की पृष्ठभूमि में सारंग टीम ने चार एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ सटीक और अनुशासित फॉर्मेशन में उड़ान भरी।

आसमान में एक साथ उड़ते चार हेलीकॉप्टरों का यह प्रदर्शन भारतीय विमानन क्षमता और पायलटों के बेहतरीन कौशल का उदाहरण रहा। बेहद सटीक तालमेल के साथ उड़ान भरते हुए टीम ने अनुशासन, नियंत्रण और शानदार हवाई कौशल का प्रदर्शन किया। इस हवाई प्रदर्शन की खास बात इसकी पृष्ठभूमि भी रही।

एक ओर गीजा के सदियों पुराने भव्य पिरामिड नजर आए, तो दूसरी ओर भारतीय वायुसेना के ध्रुव हेलीकॉप्टर आसमान में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते दिखाई दिए। इस तरह यह प्रदर्शन आधुनिक भारतीय विमानन शक्ति और मिस्र की ऐतिहासिक विरासत का अनोखा संगम बन गया।

सारंग टीम का यह प्रदर्शन केवल हवाई कौशल का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि भारत और मिस्र के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों की झलक भी पेश करता है। दोनों देशों के बीच रक्षा और सैन्य सहयोग लगातार मजबूत हुआ है और ऐसे कार्यक्रम आपसी विश्वास, मित्रता और सहयोग को और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गीजा के पिरामिडों के ऊपर भारतीय हेलीकॉप्टरों की यह उड़ान भारत की उड़ान क्षमता, टीमवर्क और पेशेवर उत्कृष्टता को दुनिया के सामने रखने वाला यादगार दृश्य बन गई।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी