क्या आप भी योग करते समय शरीर पर डालते हैं जरूरत से ज्यादा जोर? आयुष मंत्रालय ने दी चेतावनी
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। योग को स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा माना जाता है। यह न केवल शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है। हालांकि, योग का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही तकनीक और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुरूप किया जाए। कई बार लोग जल्दी परिणाम पाने की कोशिश में कठिन आसनों का अभ्यास करने लगते हैं या शरीर पर आवश्यकता से अधिक दबाव डालते हैं, जिससे चोट लगने या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है।
योगाभ्यास के दौरान शरीर के संकेतों को समझना और उसकी सीमाओं का सम्मान करना बेहद जरूरी है। इसी संदेश को रेखांकित करते हुए आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा कर योग करते समय बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी है।
आयुष मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में लिखा, "योग के अभ्यास के लिए जागरूकता, कंट्रोल और अपने शरीर की क्षमता का सम्मान करना जरूरी है। धीरे-धीरे अभ्यास करें, अपने मूवमेंट्स को सहज रखें और झटके, जोर या दबाव से बचें। अगर शरीर के किसी भी हिस्से में तेज दर्द हो, तो अभ्यास तुरंत बंद कर दें। हर मूवमेंट को जागरूकता के साथ करें और माइंडफुल प्रैक्टिस को अपने योग रूटीन का जरूरी हिस्सा बनाएं।"
मंत्रालय के मुताबिक, योग करते समय कई लोग शुरुआत में ही मुश्किल आसन करने की कोशिश करते हैं। उन्हें लगता है कि जितना ज्यादा शरीर को खींचेंगे, उतना ही जल्दी लचीलापन बढ़ेगा। लेकिन हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है। किसी का शरीर आसानी से आगे झुक सकता है, तो किसी को इसमें समय लग सकता है। ऐसे में दूसरे लोगों को देखकर अपने शरीर पर दबाव डालना सही नहीं है।
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति आगे झुकने वाला आसन कर रहा है और उसका शरीर ज्यादा नहीं झुक पा रहा, तो उसे जबरदस्ती हाथों से पैरों को छूने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। वह अपनी सुविधा के अनुसार जितना झुक सकता है, उतना ही करे। नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे शरीर की क्षमता में सुधार होगा।
अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ के मुताबिक, शरीर के किसी भी हिस्से में तेज दर्द होने पर योग नहीं करना चाहिए। कई बार लोग आसन को पूरा करने के चक्कर में दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा करने से मांसपेशियों, घुटनों, कंधों या पीठ पर चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं मोच या मांसपेशियों में खिंचाव जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
मंत्रालय ने योग के साथ माइंडफुल प्रैक्टिस यानी पूरी जागरूकता के साथ अभ्यास करने पर भी जोर दिया है। योग करते समय आपका ध्यान अपनी सांस, शरीर की स्थिति और उसके संकेतों पर भी होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति योग करते समय अपनी सांस पर ध्यान नहीं दे रहा या जल्दबाजी में एक आसन से दूसरे आसन पर जा रहा है, तो वह अभ्यास के दौरान शरीर की परेशानी को नजरअंदाज कर सकता है। इसके बजाय हर मूवमेंट को आराम से करना, जरूरत पड़ने पर रुकना और शरीर की क्षमता का ध्यान रखना बेहतर है।
--आईएएनएस
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