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कुल्लू में अधिकारियों पर भड़कीं सांसद कंगना रनौत, बोलीं- हाथ पर हाथ धरे बैठना मंजूर नहीं, खुद लें जिम्मेदारी

मंडी, 7 सितंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने कुल्लू में दिशा की रिव्यू मीटिंग के दौरान विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि हाथ पर हाथ धरे बैठना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें खुद जिम्मेदारी लेकर काम में तेजी लानी होगी। साथ ही उन्होंने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा।
 

मंडी, 7 सितंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने कुल्लू में दिशा की रिव्यू मीटिंग के दौरान विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि हाथ पर हाथ धरे बैठना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें खुद जिम्मेदारी लेकर काम में तेजी लानी होगी। साथ ही उन्होंने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा।

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी दुखद घटना है, इसलिए ऐसे हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना मंजूर नहीं है। अगर सरकार आप तक नहीं पहुंची है तो आपको बिना किसी झिझक के सरकार तक पहुंचना चाहिए और अपने राज्य के लिए जो चाहिए, उसके बारे में बोलना चाहिए, चाहे वह 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' को बढ़ावा देना हो, एग्जिबिशन और फैशन शो आयोजित करना हो, या ज्यादा महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनने के लिए मजबूत बनाना हो।"

उन्होंने आगे कहा कि किसी के आने और मार्गदर्शन करने का इंतजार करने के बजाय विभाग के मुखिया होने के नाते आपको खुद जिम्मेदारी लेनी चाहिए और दूसरे राज्यों से सीखना चाहिए।

दिशा मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, "मुझे लगता है कि यहां कोशिशें जारी हैं, लेकिन फिर भी कुछ विभाग काफी पीछे हैं। उन्होंने लगभग हार मान ली है, जबकि हमारे पास प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 पहल के साथ एक क्लियर मिशन होना चाहिए ताकि हम अपने रेवेन्यू और इकॉनमी में योगदान दे सकें।"

भाजपा सांसद ने आगे कहा कि जैसा कि सभी जानते हैं, हिमाचल केंद्र सरकार को बहुत कम रेवेन्यू देता है और हम सुधार नहीं दिखा रहे हैं, खासकर जब से कांग्रेस सरकार ने राज्य पर बहुत ज्यादा कर्ज का बोझ डाल दिया है, जिससे उसकी कमर टूट गई है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने हमें आगे बढ़ाने के लिए छात्रवृत्ति, वित्तीय मदद, सब्सिडी और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट जैसे कई टूल्स और स्कीम दी हैं।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी