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कोटमी गोलीकांड के आरोपियों पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित, दबिश जारी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमी साप्ताहिक बाजार में हुए गोलीकांड और लूट की घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास तेज कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग ने आरोपियों पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है।
 
कोटमी गोलीकांड के आरोपियों पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित, दबिश जारी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमी साप्ताहिक बाजार में हुए गोलीकांड और लूट की घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास तेज कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग ने आरोपियों पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है।

जानकारी के अनुसार, 26 मई को कोटमी साप्ताहिक बाजार में अज्ञात बदमाशों ने व्यापारी प्रदीप सोनी को निशाना बनाया था। आरोपियों ने उन पर गोली चलाने के बाद सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। घायल व्यापारी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी।

इस मामले में पेंड्रा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। कई स्थानों पर दबिश दी गई है और संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। लेकिन, अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और लोगों से सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग ने पहले घोषित 5 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया है। पुलिस का मानना है कि इनाम की राशि बढ़ने से मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

वहीं, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति के पास आरोपियों से संबंधित कोई विश्वसनीय जानकारी, फोटो या वीडियो हो, तो वह तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराए। ऐसी सटीक और उपयोगी सूचना देने वाले व्यक्ति को 30 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि जनता के सहयोग से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जा सकेगा।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम