'कोषाध्यक्ष पद छोड़ें, जिम्मेदारी से भागना बंद करें', कांग्रेस ने गोविंद देव गिरी पर साधा निशाना
लखनऊ, 6 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक, योगी सरकार की कैबिनेट बैठक और भाजपा-सपा के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने जुबानी हमला किया। राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने ट्रस्ट को भंग करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने योगी सरकार की कैबिनेट बैठक को लेकर भी सवाल उठाए।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि उन्हें आशंका है कि इस बैठक का उद्देश्य 'चोरों, लुटेरों और डकैतों को बचाना' हो सकता है। यदि ट्रस्ट वास्तव में कथित अनियमितताओं की जांच चाहता है, तो उसे भंग कर देना चाहिए। ट्रस्ट के सदस्य मीडिया और विपक्ष के सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए बैठक का स्थान भी दो बार बदला गया। उन्होंने दावा किया कि अब बैठक ऐसे स्थान पर आयोजित की जा रही है जहां न मीडिया पहुंच सकती है और न ही अन्य लोग। कांग्रेस प्रवक्ता ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर के कोष में किसी प्रकार की कथित अनियमितता या धन की चोरी हुई है, तो उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष की बनती है। बड़े लोगों को बचाने के लिए छोटे लोगों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है और उन्हीं पर कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी। सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि अखिलेश यादव का बयान राजनीतिक तंज के रूप में देखा जाना चाहिए। भाजपा ने राम मंदिर और रामभक्ति के नाम पर राजनीतिक लाभ हासिल किया, लेकिन सत्ता में आने के बाद भगवान राम को ही भुला दिया। जब नितिन नवीन लखनऊ आए थे तो उन्हें अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन करने चाहिए थे।
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार की कैबिनेट बैठकें नियमित रूप से होती रहती हैं और उनका एजेंडा पहले से ही अधिकारियों द्वारा तय किया जाता है। मंत्रियों के पास किसी फैसले पर असहमति दर्ज कराने की वास्तविक स्वतंत्रता नहीं है। सवाल यह है कि इन बैठकों से जनता को क्या लाभ मिल रहा है। क्या युवाओं को रोजगार मिल रहा है, महिलाओं की सुरक्षा बेहतर हो रही है या लोगों को सस्ती बिजली उपलब्ध हो रही है? सरकार इन मुद्दों पर विफल रही है और जनता को राहत देने के बजाय महंगाई बढ़ाने वाले फैसले किए जा रहे हैं।
नितिन नवीन के उस बयान पर भी कांग्रेस ने पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राम सेवकों पर गोली चलवाने वाले लोग कम बोलें और 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनेगी। सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि नितिन नवीन को इतिहास की सही जानकारी नहीं है। भाजपा बार-बार रामभक्तों का अपमान कर रही है और कथित तौर पर राम मंदिर चंदा मामले में आरोपित लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है, जो भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज द्वारा जारी सफाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी खर्च बैंक के माध्यम से किए जाते हैं और वह अधिकांश समय पुणे में रहते थे, पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने की स्थिति में नहीं है तो उसे पद छोड़ देना चाहिए। मंदिर के कोष से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता की नैतिक जिम्मेदारी सबसे पहले कोषाध्यक्ष की होती है। राजपूत ने आरोप लगाया कि जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है और जनता अंततः इसका जवाब देगी।
--आईएएनएस
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