कोपभवन में बैठे मंथरा-मारीच रच रहे अराजकता की साजिश: सीएम योगी
अयोध्या, 7 नवंबर (आईएएनएस)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दीपोत्सव के मंच से विरोधियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत आतंकवाद और नक्सलवाद को नेस्तनाबूद कर रहा है, लेकिन कोपभवन में बैठे मंथरा और मारीच फिर से आतंकवाद, नक्सलवाद और अराजकता पैदा कर देश को अस्त-व्यस्त करने की साजिश रच रहे हैं। जाति, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतों को एकजुट होकर मुंहतोड़ जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो तो कितनी भी बड़ी चुनौती लक्ष्य प्राप्त करने से नहीं रोक सकती।
सीएम योगी ने शनिवार को अयोध्या में 'दीपोत्सव 2026' के 10वें संस्करण के तहत राम की पैड़ी पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम को संबोधित किया। समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि रहे, जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में पहले दीपोत्सव के आयोजन पर लोग सवाल उठाते थे। तब उन्होंने याद दिलाया था कि अयोध्या ने ही दुनिया को दीपावली दी है। उस समय राम मंदिर निर्माण के नारे लगते थे। रामभक्तों को संकल्प पूरा होने का भरोसा दिलाया था। आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं। यह लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत है, जो शहर, प्रदेश और देश की तकदीर बदल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 36 वर्ष पहले इसी सरयू का जल रामभक्तों के रक्त से लाल हुआ था। अयोध्या की गलियों को रक्तरंजित करने और राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी करने वाले आज फिर सिर उठाने का प्रयास कर रहे हैं। जो कभी कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वे आज राम मंदिर में दर्शन करने का सपना देख रहे हैं। ऐसे लोगों को पहले रामभक्तों, कारसेवकों और संतों से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। अपने कृत्यों का पश्चाताप करना चाहिए। प्रभु श्रीराम करुणानिधान और भक्तवत्सल हैं। उनकी कृपा सभी पर समान रूप से होती है, लेकिन रामभक्ति के लिए सहज और सरल होना भी जरूरी है।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था जर्जर थी। कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं था। पिछली सरकारों के सिंडिकेट ने प्रदेश के खजाने पर डकैती डालकर विदेशों में अपने लिए संपत्तियां खरीद ली थीं। उन्होंने कहा कि पहले दीपोत्सव में महज 25 हजार दीप जलाए गए थे। जैसे-जैसे दीपों की संख्या बढ़ी, प्रदेश की समृद्धि भी बढ़ती गई। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। इस बार अयोध्या में 36 लाख दीप प्रज्वलित हो रहे हैं। यह प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का भी प्रतीक है। नौ वर्षों में प्रति व्यक्ति आय और बजट के आकार में वृद्धि हुई है। आज उत्तर प्रदेश का बजट देश के सभी राज्यों में सबसे बड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के सेवक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूत के रूप में प्रदेशवासियों को आश्वस्त करने आए हैं।
अब उत्तर प्रदेश में कोई दंगा करने का दुस्साहस नहीं कर सकेगा। किसी के पूजा के अधिकार का अपहरण नहीं होगा और न अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा। बेटियों-बहनों को अपनी सुरक्षा के लिए गुहार नहीं लगानी पड़ेगी। उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को रावण जैसी दुर्गति भोगने के लिए तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज्य की अवधारणा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में धरातल पर उतर रही है। गरीब को मुफ्त राशन, नौजवान को रोजगार, किसान के परिश्रम को सम्मान और श्रमिक को उचित मानदेय मिलना इसी परिकल्पना का हिस्सा है। बेटी का बेखौफ होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना भी रामराज्य का अनुभव कराता है। दस वर्ष पहले प्रदेश में देर रात किसी बेटी के निर्भय होकर घर लौटने की कल्पना नहीं की जा सकती थी। आज सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या को सुविधाओं के लिए तरसाया गया। महज तीन घंटे बिजली मिलती थी। सफाई की व्यवस्था नहीं थी। श्रद्धालुओं को संकरी गलियों और कई किलोमीटर लंबी तार-बाड़ के बीच से गुजरकर टेंट में विराजमान रामलला के दर्शन करने पड़ते थे। आज धर्म पथ, श्रीराम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ जैसे चौड़े मार्ग हैं। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने अयोध्या को देश-दुनिया से जोड़ा है। रेलवे की सुविधाएं बढ़ी हैं। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चल रही हैं। अयोध्या स्मार्ट और सोलर सिटी के रूप में नई पहचान बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव के लाखों दीप केवल उत्सव की शोभा नहीं बढ़ा रहे, बल्कि इनका प्रकाश प्रदेश के गांव-गांव तक सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि का संदेश पहुंचा रहा है। विकसित भारत के संकल्प को वर्ष 2047 तक पूरा करने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संतों और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए प्रदेशवासियों को दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत रामलीला और पुष्पक विमान के दृश्य को उन्होंने विरासत और आधुनिक तकनीक के संगम का प्रतीक बताया। दीपोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से हुआ।
मुख्यमंत्री योगी ने राम की पैड़ी और सरयू घाट पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद संतों और अतिथियों के साथ मां सरयू की महाआरती की। शंखनाद, घंटियों की ध्वनि और जय श्रीराम के जयकारों से सरयू तट गूंज उठा। राम की पैड़ी पर थ्री-डी लेजर और लाइट शो के जरिए भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर सीता स्वयंवर, वनवास, लंका विजय और अयोध्या वापसी तक की रामकथा जीवंत हुई। वहीं, ड्रोन शो में आकाश पर उभरे रामायण के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
--आईएएनएस
विकेटी/डीकेपी
