कोलकाता पुलिस ने इंस्पेक्टर प्रोसेनजीत को किया सलाम, जान जोखिम में डालकर बुझाई आग
कोलकाता, 26 फरवरी (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने गुरुवार को एक इंस्पेक्टर की बहादुरी की तारीफ की है। कोलकाता पुलिस ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आग बुझाने की एक वीडियो पोस्ट करते हुए प्रोसेनजीत चटर्जी की बहादुरी को सराहा।
कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके लिखा, "इंस्पेक्टर प्रोसेनजीत को शाबाशी! 24 फरवरी को किडरपोर में सेंट थॉमस स्कूल के पास आग लगने का एक बड़ा खतरा टल गया, यह सब इंस्पेक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी, ओसी विद्यासागर सेतु ट्रैफिक गार्ड की बहादुरी की वजह से हुआ।"
घटना के अनुसार, 24 फरवरी को दोपहर के समय विद्यासागर सेतु के पास किडरपोर इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे इंस्पेक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी ने अचानक एक बिजली के खंभे से आग की लपटें उठती देखीं। यह खंभा व्यस्त सड़क किनारे था और आसपास स्कूल, दुकानें और आवासीय इलाका होने से स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी। आग तेजी से फैल रही थी और बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट की वजह से विस्फोट का खतरा भी मंडरा रहा था।
इंस्पेक्टर प्रोसेनजीत ने बिना किसी देरी के स्थिति का आकलन किया। उन्होंने फायर ब्रिगेड के आने का इंतजार नहीं किया, क्योंकि समय कम था और आग नियंत्रण से बाहर हो सकती थी। उन्होंने तुरंत अपनी ट्रैफिक पुलिस गाड़ी को खंभे के ठीक नीचे पार्क किया, गाड़ी की छत पर चढ़े और हाथ में फायर एक्सटिंग्विशर लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।
अपनी जान जोखिम में डालते हुए उन्होंने कई बार एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया और आग को पूरी तरह बुझा दिया। इस दौरान आसपास की भीड़ ने उनकी हिम्मत देखकर तालियां बजाईं और कई लोगों ने उनका शुक्रिया अदा किया।
कोलकाता पुलिस ने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "ट्रैफिक मैनेज करते समय उन्होंने देखा कि एक बिजली का खंभा आग की लपटों में घिरा हुआ है। भीड़भाड़ वाले इलाके के लिए खतरे को समझते हुए, उन्होंने फायर टेंडर का इंतजार नहीं किया।"
कोलकाता पुलिस ने आगे लिखा, "इसके बजाय, उन्होंने अपनी गाड़ी खंभे के ठीक नीचे पार्क की, छत पर चढ़े, और अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया। उनके तुरंत एक्शन और हिम्मत की वजह से लोकल लोगों ने उनका दिल से शुक्रिया अदा किया। हम अपने साथी को ड्यूटी से कहीं ज्यादा आगे बढ़कर काम करने के लिए सलाम करते हैं!"
--आईएएनएस
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