कोलकाता हादसे पर दिलीप घोष ने कहा- जिम्मेदारी निभा रही सरकार, हादसे को राजनीति का मुद्दा न बनाएं
कोलकाता, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रही है और मुख्यमंत्री ने घोषणाएं की हैं। हालांकि, पूजा अभी भी जारी है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए।
दिलीप घोष ने पत्रकारों से कहा, "ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए और इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। जो लोग इसका राजनीतिकरण करना चाहते हैं, वे करेंगे। हर जगह इतनी पूजा हो रही है, पुलिस मौजूद है, पूरी व्यवस्था ठीक से काम कर रही है और लाखों लोग सड़कों पर घूम रहे हैं। ये चीजें बहुत कम होती हैं, इसीलिए इसे हादसा कहा जाता है, लेकिन फिर भी ऐसा नहीं होना चाहिए था।"
बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जिन 19 परिवारों ने अपने किसी सदस्य को खोया है, उनके लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। उनमें से 13 परिवारों से मैंने वन-टू-वन मुलाकात की। मैंने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी मदद करेगी। उन्होंने भी सरकार पर भरोसा जताया है। पश्चिम बंगाल सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक नौकरी देगी तथा हर घायल का 100 प्रतिशत मेडिकल खर्च सरकार उठाएगी, साथ ही 5 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी देगी।"
वहीं, दूसरी ओर पूर्व सीएम ममता बनर्जी के बयान पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "यह उनकी उपलब्धि है। अब तक सत्ता में रहते हुए उन्होंने लूटपाट की है, भ्रष्टाचार किया है और देश को आगे बढ़ने से रोका है।"
रिजीम चेंज वाले बयान पर पलटवार करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि ऐसे बयान देने वाले लोगों के उन विदेशी शक्तियों के साथ अच्छे संबंध होते हैं, जो भारत को अस्थिर करना चाहती हैं। बांग्लादेश और पाकिस्तान को लेकर उनकी और अमेरिका के लोगों की भाषा अक्सर एक जैसी होती है। खैर, लोकतंत्र में कोई भी आंदोलन कर सकता है, लेकिन राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर है।
यूट्यूबर ध्रुव राठी पर टिप्पणी करते हुए दिलीप घोष ने कहा, "ऐसे लोग हैं जिनका इस देश में कोई योगदान नहीं है, समाज से कोई जुड़ाव नहीं है और लोगों की समस्याओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वे केवल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हैं और उसे आगे बढ़ाने के लिए देश में कहीं भी या दुनिया में भी जाकर देश को बदनाम करते हैं।"
--आईएएनएस
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