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'कोई भी चीज आस्था पर नहीं चलती', 'महाकाल स्टैंडर्ड टाइम' पर बोले कांग्रेस नेता उदित राज

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) के बदले 'महाकाल स्टैंडर्ड टाइम' (एमएसटी) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी चीज आस्था पर नहीं चलती है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और तार्किक रूप से इसे सिद्ध करें, तब हो सकता है कि हम समर्थन करें।
 
'कोई भी चीज आस्था पर नहीं चलती', 'महाकाल स्टैंडर्ड टाइम' पर बोले कांग्रेस नेता उदित राज

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) के बदले 'महाकाल स्टैंडर्ड टाइम' (एमएसटी) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी चीज आस्था पर नहीं चलती है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और तार्किक रूप से इसे सिद्ध करें, तब हो सकता है कि हम समर्थन करें।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने एक बयान में कहा कि समय आ गया है कि हम ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) की जगह महाकाल स्टैंडर्ड टाइम (एमएसटी) की तार्किक स्थापना करें।

इस पर उदित राज ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "ऐसी चीजों (महाकाल स्टैंडर्ड टाइम) पर ग्लोबल सहमति भी चाहिए। ये (भाजपा नेता) समय-समय पर शिगूफा छोड़ते हैं। कोई भी चीज आस्था पर नहीं चलती है। वैज्ञानिक और तार्किक रूप से इसे सिद्ध करें, हो सकता है कि यह सही हो तो हम समर्थन करेंगे।"

उन्होंने कहा, "यहां विश्वगुरु बनते हैं कि पूरी दुनिया हमसे ही चल रही है, प्राचीन भारत में प्लास्टिक सर्जरी थी और पूरी दुनिया को ज्ञान हमने दिया है, लेकिन यह ज्ञान कहीं नहीं दिखता है। यूरोप के बनाए गए स्कूलिंग सिस्टम से सभी लोग पढ़ रहे हैं। उसी के ज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।"

उदित राज ने ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी के पीओके वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "एक नैरेटिव बनवाया जाता है। सबको पता है कि इसके पीछे क्या है। दूसरी बात यह है कि पहले एससी-एसटी का कल्याण होता था, लेकिन अब उनके साथ 370 हटने के बाद भेदभाव बहुत बढ़ गया है। उत्तरी भारत के ऑफिसर गए हैं। यहां से गवर्नर सिस्टम वहां एक्सपोर्ट हुआ है। वहां एलजी ही चला रहे हैं, तो भेदभाव बहुत बड़ा है। दलितों के साथ भेदभाव बढ़ा है, जो सरकारी विभागों में भी है। 370 का फायदा तो एससी/एसटी को कुछ नहीं मिला।"

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "वहां के तमाम लोगों की फीडबैक है कि 370 हटने से पहले बड़ा अच्छा हुआ करता था। अब वो बहुत शोषित और अपमानित महसूस करते हैं। उनके साथ भेदभाव होता है।"

--आईएएनएस

डीसीएच/