Aapka Rajasthan

किसानों को संकट से सम्मान तक पहुंचाया, अब लागत का मिल रहा डेढ़ गुना मूल्य : सीएम योगी

गोरखपुर, 3 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय देश का अन्नदाता किसान कर्ज, बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और उपज के उचित मूल्य के अभाव से जूझ रहा था, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसानों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पड़ते थे। लेकिन पिछले नौ वर्षों में केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों ने कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। किसानों को कर्जमुक्त करने, उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं।
 
किसानों को संकट से सम्मान तक पहुंचाया, अब लागत का मिल रहा डेढ़ गुना मूल्य : सीएम योगी

गोरखपुर, 3 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय देश का अन्नदाता किसान कर्ज, बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और उपज के उचित मूल्य के अभाव से जूझ रहा था, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसानों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पड़ते थे। लेकिन पिछले नौ वर्षों में केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों ने कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। किसानों को कर्जमुक्त करने, उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं।

बुधवार को गोरखपुर में आयोजित संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2005 से 2014 के बीच देश में लाखों किसानों ने आत्महत्या की थी। इसके पीछे गुणवत्तापूर्ण बीजों की कमी, खेती की बढ़ती लागत, कम उत्पादन, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ न मिलना तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए प्रभावी व्यवस्था का अभाव प्रमुख कारण थे।

उन्होंने कहा कि किसान कठिन परिश्रम करके फसल तैयार भी कर लेता था तो उसकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। इससे कृषि क्षेत्र लगातार संकट में फंसता चला गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्जमाफी का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इससे लाखों छोटे और सीमांत किसानों को बड़ी राहत मिली और उन्हें नए सिरे से खेती करने का अवसर प्राप्त हुआ। पहली बार उत्तर प्रदेश में यह सुनिश्चित किया गया कि किसानों को उनकी उपज का लागत मूल्य का डेढ़ गुना तक पारिश्रमिक मिले। इसके लिए प्रदेशभर में सरकारी क्रय केंद्रों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया गया, जहां किसानों की उपज की सीधे खरीद की व्यवस्था की गई।

सीएम योगी ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकता रहा है। दशकों से लंबित पड़ी बाण सागर परियोजना, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना तथा बुंदेलखंड क्षेत्र की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। खरीफ उत्पादकता गोष्ठी जैसे कार्यक्रम आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

--आईएएनएस

विकेटी/एसके