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किसानों की दो मांगों पर मिला सकारात्मक आश्वासन: सरवन सिंह पंढेर

चंडीगढ़, 21 जुलाई (आईएएनएस)। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमें हरियाणा के एक मंत्री की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि वो आगामी दिनों में हमारी बातचीत केंद्रीय कृषि मंत्री से कराएंगे। 8-10 दिन के अंदर आपको इस संबंध में पत्र सौंपा जाएगा, जिसके बाद आपके लिए संवाद का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
 

चंडीगढ़, 21 जुलाई (आईएएनएस)। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमें हरियाणा के एक मंत्री की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि वो आगामी दिनों में हमारी बातचीत केंद्रीय कृषि मंत्री से कराएंगे। 8-10 दिन के अंदर आपको इस संबंध में पत्र सौंपा जाएगा, जिसके बाद आपके लिए संवाद का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।

उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आगामी दिनों में होने वाली बातचीत में यह फैसला लिया जाएगा कि क्या कदम उठाने होंगे। इस संबंध में जो भी फैसले किए जाएंगे, उसके बारे में आपको जल्द ही सूचित कर दिया जाएगा।

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर के मुताबिक, हमने किसानों की रिहाई का मुद्दा भी उठाया है। अधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही सीएम से बातचीत का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा, जिसमें प्रमुखता से किसानों की रिहाई का मुद्दा उठाया जाएगा। कुल मिलाकर, हमारी प्रमुख रूप से दो मांगें थीं। एक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से संवाद और दूसरा किसानों की रिहाई की जाए। इन दोनों ही मुद्दों को लेकर शीर्ष नेतृत्व की ओर से सकारात्मक रुख का परिचय दिया गया है। इससे हमारी उम्मीदें बढ़ी हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि आगामी दिनों में जल्द ही बड़े कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जब सरकार की ओर से गुरनाम सिंह और डीएम सिंह को रिहा किया जाएगा। उसके बाद आगे क्या फैसला करना है, उस बारे में विस्तारपूर्वक रूपरेखा तैयार करके उसे जमीन पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। हम इस पूरे मामले को लेकर पूरी तरह से गंभीर हैं। कुल मिलाकर, हमारी दोनों मांगों को लेकर हमें आश्वासन दिया गया है।

साथ ही, जब किसान नेता से सवाल पूछा गया कि केंद्रीय कृषि मंत्री से कब मुलाकात हो सकती है तो इस पर उन्होंने कहा कि हमें इस संबंध में आठ दस दिन का समय दिया गया है। हमें पूरी उम्मीद है कि तय मियाद तक हमारी कृषि मंत्री से मुलाकात होगी, जिसमें हम अपने मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का काम करेंगे।

फरवरी 2024 में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने समेत विभिन्न मांगों को लेकर 'दिल्ली चलो' आंदोलन शुरू किया था। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर दी थी, जिसके बाद किसान लंबे समय तक वहीं धरने पर डटे रहे। बाद में मार्च 2025 में पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शंभू और खनौरी बॉर्डर से प्रदर्शनकारी किसानों को हटाया। इस दौरान कई किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और धरनास्थल खाली करा दिए गए थे।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी