किरीट सोमैया का कांग्रेस को चुनौती, पूछा-कितने बांग्लादेशी वोटर कटे, लिस्ट दिखाओ
पुणे, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। एसआईआर के खिलाफ विपक्ष के हल्ला-बोल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया ने पलटवार किया। सोमैया ने पूरे विरोध को 'राजनीतिक नौटंकी' और अराजकता फैलाने की साजिश बताया। महाराष्ट्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक लाख में से आधे बूथ एजेंट भी नियुक्त नहीं किए और एसआईआर के दौरान मतदाता पंजीकरण में कोई भूमिका नहीं निभाई। उन्होंने कांग्रेस को सीधे चैलेंज किया कि अगर चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप है तो बताएं कि कितने बांग्लादेशी और फर्जी मुस्लिम वोटरों के नाम कटे हैं, उनकी सूची सार्वजनिक करें।
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, "यह सब नाटक है। मैं आपको महाराष्ट्र का उदाहरण देता हूं। महाराष्ट्र में एक लाख बूथ एजेंट नियुक्त किए जाने थे, लेकिन कांग्रेस ने केवल 50,000 नियुक्त किए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को जाकर अपना नाम पंजीकृत कराना था। कांग्रेस ने कुछ नहीं किया।"
उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस को चैलेंज करता हूं। ये जो भी आरोप आप चुनाव आयोग पर लगाते हो, तो आपके कितने बांग्लादेशी वोटरों के नाम कटे हैं, कितने मुस्लिम नाम कटे हैं, उसकी सूची दो। वास्तव में अब इनके ध्यान में आ चुका है कि बांग्लादेशी और फर्जी मुस्लिम नाम कट गए हैं, उसके कारण 2019 का चुनाव वो जीत नहीं सकते, इसलिए यह आंदोलन है।
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, "मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि विपक्ष खुद को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने के लिए इस तरह की गलत जानकारी फैला रहा है।"
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान मामले को लेकर किरीट सोमैया ने कहा, "मैंने इमरान खान का भाषण सुना। आज, मैंने चुनाव आयोग को अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए। इमरान खान ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता की आवाज को दबाया जा रहा है और एसआईआर प्रक्रिया में धांधली हो रही है और मैं आपके सामने एक नागरिक के रूप में आया हूं।"
उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया, वह पुलिस स्टेशन गए और उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं नागरिकों को सचेत करने के लिए आया हूं। जो अमेरिकी नागरिक इमरान खान है, वह यहां पर किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकता है। इमरान को वापस जाना ही पड़ेगा और ऐसे अन्य इमरान भी होंगे, उनको भी बाहर भेजा जाएगा।
एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब ऐसा है कि मालेगांव में एक लाख नाम कट गए, उसमें आधे से ज्यादा के नाम मतदाता सूची में थे, लेकिन वो जगह पर थे ही नहीं। इसलिए कांग्रेस और एसआईआर का विरोध करने वालों का चेहरा अब लोगों के सामने आ गया है।
--आईएएनएस
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