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खुद पर भरोसा करना बहुत जरूरी, बल्लेबाजों को पढ़ने की काबिलियत भी महत्वपूर्ण : कार्तिक चड्ढा

नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। कार्तिक चड्ढा 'शेर-ए-पंजाब टी20 लीग' में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। हालांकि, उनका मानना है कि उनकी सफलता किसी अचानक हुए बदलाव का नतीजा नहीं है।
 

नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। कार्तिक चड्ढा 'शेर-ए-पंजाब टी20 लीग' में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। हालांकि, उनका मानना है कि उनकी सफलता किसी अचानक हुए बदलाव का नतीजा नहीं है।

लुधियाना लायंस के इस लेग स्पिनर का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपनी काबिलियत पर भरोसा रखा और अपने खेल पर लगातार मेहनत की। उनके अनुसार, अच्छे प्रदर्शन का राज अपने प्रोसेस पर विश्वास रखना और सामने वाले बल्लेबाजों को अच्छी तरह समझना है। कार्तिक का मानना है कि जब खिलाड़ी धैर्य रखकर अपनी योजनाओं पर काम करता है, तो उसके अच्छे नतीजे मैदान पर जरूर दिखाई देते हैं।

22 साल के कार्तिक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के बाद अभी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में टॉप पर हैं, लेकिन उनका मानना ​​है कि यह आत्मविश्वास शुरू से ही उनमें था।

कार्तिक ने गुरुवार को 'आईएएनएस' के साथ एक खास बातचीत में कहा, "मैं पिछले दो साल से टूर्नामेंट खेल रहा हूं। मगर यह टूर्नामेंट ऊंचे लेवल पर हो रहा है। हमें एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिला है। मैं खुद पर भरोसा कर रहा हूं और पहले दिन से ही अपनी ताकत पर भरोसा कर रहा हूं। पहले मैच से ही मुझे हमेशा खुद पर यकीन रहा है, चाहे कोई भी टीम या कोई भी खिलाड़ी हो। मैंने बस खुद पर भरोसा किया और मुझे पता था कि मैं यह कर सकता हूं। मैं प्रोसेस को फॉलो कर रहा था, इसीलिए मुझे अच्छे नतीजे मिल रहे हैं।"

उनका प्रदर्शन एक ऐसी आक्रामक स्किल पर आधारित है जिसे लगातार अच्छे प्रदर्शन के साथ बनाए रखना मुश्किल होता है। हालांकि, कार्तिक ने अपनी लेग-स्पिन में कंट्रोल को एक अहम हिस्सा बनाने के लिए वर्षों तक मेहनत की है।

उन्होंने कहा, "अब कई साल हो गए हैं। लगभग चार साल। मैं बस इस पर लगातार काम कर रहा हूं। मैं दो साल से आईपीएल से जुड़ा हूं और नेट बॉलर के तौर पर भी काम किया है। इसलिए मुझे वहां से काफी अनुभव मिला है और मैंने बहुत कुछ सीखा है। इसी कारण मैं बस खुद पर भरोसा कर रहा हूं। मैं बॉलिंग की बहुत प्रैक्टिस करता हूं। यही निरंतरता की वजह है। बाकी सब आत्मविश्वास की बात है। आखिर में खुद पर भरोसा करना बहुत जरूरी है।"

मिडल ओवर्स में गेंदबाजी करने वाले स्पिनर के लिए बल्लेबाज को पढ़ना उतना ही जरूरी होता है जितनी कि खुद गेंद की क्वालिटी। कार्तिक का कहना है कि हालात को समझना और यह पहचानना कि बल्लेबाज कहां रन बनाना चाहता है, इसी से उनका तरीका तय होता है। असल में, सबकुछ हालात पर निर्भर करता है। हालात की क्या मांग है? और जाहिर है कि खिलाड़ी कैसा खेल रहा है। हमें उसकी खूबियों के बारे में पता होना चाहिए, कि वह कहां खेल सकता है। वह कहां शॉट मार रहा है। इसी वजह से खुद को समझना और खुद पर भरोसा रखना महत्वपूर्ण है। आपको खुद पर यकीन होना चाहिए कि आप यह कर सकते हैं।

उनका मानना ​​है कि यह मुकाबला असल में जानकारी और अंदाजा लगाने का है। उन्होंने कहा, "जब बल्लेबाज क्रीज पर आता है, तो वह आप पर हमला करने की कोशिश करेगा। इसी वजह से हमें बस देखना होता है कि वह कैसा खेल रहा है और कहां शॉट मार रहा है। मुख्य बात यह है कि आप बल्लेबाज को कैसे समझते हैं। जो बल्लेबाज को अच्छी तरह समझता है, वही बाजी मारता है।"

कार्तिक चड्ढा की सफलता आसान परिस्थितियों में नहीं आई है। लेग स्पिन गेंदबाजी में कलाई का सही इस्तेमाल और लगातार एक जैसी गेंद डालना बहुत जरूरी है। हालांकि, शाम के मैचों में ओस पड़ने से गेंद गीली हो जाती है, जिससे उसे पकड़ना और स्पिन कराना मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद कार्तिक ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने मुश्किल हालात से घबराने के बजाय अपनी गेंदबाजी पर भरोसा रखा और अच्छी योजना के साथ गेंदबाजी की। यही वजह है कि वह 'शेर-ए-पंजाब टी20 लीग' में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे।

कार्तिक ने कहा, "कोई भी सिर्फ स्कोरकार्ड देखकर आपकी मुश्किलों का अंदाजा नहीं लगा सकता। असल में होता यह है कि लेग-स्पिनर को उल्टे हाथ से गेंद फेंकनी पड़ती है। इसी वजह से कलाई से गेंद फेंकना मुश्किल होता है, क्योंकि निरंतरता की जरूरत होती है। जिस स्तर पर हम अभी खेल रहे हैं, और जिन बल्लेबाजों का सामना कर रहे हैं, उसमें ऐसा करना पड़ता है। इसके अलावा, ओस का भी असर होता है। खेल के दौरान गेंद थोड़ी गीली हो जाती है, जिससे काम और मुश्किल हो जाता है।"

कार्तिक को लगता है कि ये मुश्किलें ही उनकी कला को इतना चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। उन्होंने कहा, "एक छोटी सी बात सामने आती है, लेग-स्पिन की कला थोड़ी मुश्किल है। मैं 8 साल से खेल रहा हूं, तब यहां पहुंचा हूं। तो असल में बात यही है। क्रिकेट में यह कला कम ही देखने को मिलती है। इसी कारण मैं कहूंगा कि यह उसी बात को दिखाता है।”

--आईएएनएस

एसएम/एबीएम