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‘खेलो इंडिया संवाद’ से देश की खेल संस्कृति को मिलेगा नया जोश : मनसुख मांडविया

गांधीनगर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद’ के माध्यम से देशभर के युवाओं से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ देश में खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने के लिए एक प्रभावी मंच बन चुका है। यह युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए अवसर और आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रहा है।
 

गांधीनगर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद’ के माध्यम से देशभर के युवाओं से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ देश में खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने के लिए एक प्रभावी मंच बन चुका है। यह युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए अवसर और आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रहा है।

खेलो इंडिया संवाद के तहत गुजरात के गांधीनगर में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 300 से अधिक युवाओं और एथलीटों ने हिस्सा लिया।

मीडिया से बातचीत के दौरान, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के 5,000 से अधिक कॉलेज जुड़े। कार्यक्रम में 1,500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें द्रोणाचार्य और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त कोच तथा सक्रिय खिलाड़ी भी शामिल रहे।

मांडविया ने कहा कि एथलीटों ने देश के युवाओं के साथ संवाद कर खेलों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। पीएम मोदी के संबोधन से देश में बदलती खेल संस्कृति को और गति मिलेगी। युवाओं को फिटनेस, पदक और करियर के लिए खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने देशभर में मजबूत खेल इकोसिस्टम और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 36,000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इसके तहत खेल सुविधाओं और अकादमियों के विकास पर काम किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ सकें और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए प्रतिभा पहचान की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। ‘खेलो इंडिया स्कूल गेम्स’, ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ और ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ जैसे आयोजनों के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। हम चाहते हैं कि ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों के युवाओं को भी खेलों से जोड़ा जाए और उन्हें अपना हुनर दिखाने का मौका मिले।

माई भारत के स्वयंसेवक हर्ष मेहता ने बताया कि गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में 300 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी के वर्चुअल संबोधन को उन्होंने युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की मौजूदगी ने भी युवाओं का उत्साह बढ़ाया और उन्हें विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में शामिल एक अन्य युवा ने प्रधानमंत्री के संबोधन को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए। साथ ही, भारत को उन खेलों में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रयास करना चाहिए, जिनमें अब तक देश को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।

--आईएएनएस

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