Aapka Rajasthan

खेल, लोकगीत और रंगोली के रंगों से सजा अदाणी ग्रामोत्सव, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला मंच

मिर्जापुर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के दाढ़ीराम गांव में आयोजित दो दिवसीय अदाणी ग्रामोत्सव में ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक खेलों और लोकसंगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। 11 और 12 अक्टूबर को आयोजित इस महोत्सव में ग्रामीणों ने खेलकूद, रंगोली और लोकगीतों की प्रस्तुतियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने, ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना रहा।
 

मिर्जापुर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के दाढ़ीराम गांव में आयोजित दो दिवसीय अदाणी ग्रामोत्सव में ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक खेलों और लोकसंगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। 11 और 12 अक्टूबर को आयोजित इस महोत्सव में ग्रामीणों ने खेलकूद, रंगोली और लोकगीतों की प्रस्तुतियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने, ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना रहा।

महोत्सव का शुभारंभ पारंपरिक पूजा-अर्चना और आमंत्रित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विभिन्न खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें अलग-अलग आयु वर्ग के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

ग्रामोत्सव के पहले दिन रस्साकशी प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। इसमें लड़कों की छह और लड़कियों की चार टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने सामूहिक प्रयास, तालमेल और खेल भावना का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ‘अपना गांव’ विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण जीवन की सुंदरता, स्थानीय परंपराओं और गांव की विशिष्ट पहचान को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त करना था।

प्रतियोगिता में चार टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें से तीन टीमों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान मिला। अदाणी ग्रामोत्सव में पूर्वांचल की लोकसंगीत परंपरा को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। स्थानीय लोकगायकों ने कजरी और बिरहा की प्रस्तुतियों से समां बांधा। पारंपरिक लोकगीतों ने ग्रामीण परिवेश में उत्सव का रंग भरने के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी सामने रखा।

आयोजन में लोकसंगीत को प्रमुखता देने का उद्देश्य स्थानीय कलाओं और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा। ग्रामीणों ने लोकगीतों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी की।

महोत्सव के दूसरे दिन पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग गेंद फेंक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रत्येक वर्ग से दो विजेताओं का चयन कर उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। दूसरे दिन भी लोकगीतों की प्रस्तुतियां जारी रहीं, जिससे आयोजन में ग्रामीणों की भागीदारी और सांस्कृतिक उत्साह बना रहा।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान टोंगा व्यास जी बिंद, ग्राम प्रधान थानापुर राम सागर भारती, ग्राम प्रधान दाढ़ीराम राजेश प्रजापति, ग्राम प्रधान सुखनई गांव मंगल राय और दाढ़ीराम गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक यमुना प्रसाद उपस्थित रहे।

इसके अलावा भूमि अधिग्रहण विभाग, अदाणी फाउंडेशन और हेल्पएज इंडिया के टीम सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। दो दिवसीय अदाणी ग्रामोत्सव ने ग्रामीणों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, स्थानीय परंपराओं का उत्सव मनाने और आपसी मेलजोल को मजबूत बनाने का अवसर दिया। खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और लोकसंगीत के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीण जीवन में सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया।

--आईएएनएस

विकेटी/एमएस