पंजाब के खन्ना में मनरेगा कर्मचारियों पर मान सरकार ने करवाया लाठीचार्ज: राजा वड़िंग
नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब के लुधियाना जिले के खन्ना में मनरेगा कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। सरकार के इस रैवये की पंजाब कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है।
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार की इस कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया।
पंजाब कांग्रेस चीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि खन्ना का यह वीडियो देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। लोग शांति से सतनाम वाहेगुरु का नारा लगा रहे थे और बकाया मनरेगा मजदूरी की मांग कर रहे थे। उनकी बात सुनने के बजाय मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने आंसू गैस के गोले छोड़े। जब अपनी मेहनत की कमाई मांगने वाले मजदूरों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जाता है तो यह सरकार की प्राथमिकताओं पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। जो सरकार किसानों और मजदूरों के साथ खड़ी होने का दावा करती है, उसे उनकी आवाज सुननी चाहिए न कि उन्हें जबरदस्ती चुप कराना चाहिए। पंजाब दया, जवाबदेही और न्याय का हकदार है, दबाव का नहीं।
पंजाब कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की निंदा की गई।
पोस्ट में लिखा कि मजदूर शांतिपूर्वक सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए अपनी 8 महीने की बकाया मजदूरी की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए। खन्ना से सामने आया यह वीडियो भगवंत मान सरकार का मजदूर-विरोधी चेहरा बेनकाब करता है। जिन हाथों ने अपनी कड़ी मेहनत से पंजाब की तरक्की में योगदान दिया है, आज वे ही अपने हक की मांग करने पर सरकारी दमन का सामना कर रहे हैं। क्या आम आदमी पार्टी के तथाकथित बदलाव का यही मतलब है?
इसी बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी रोष जताते हुए कहा कि 8 महीने से मनरेगा के कच्चे मजदूर अपनी मेहनत की कमाई का इंतजार कर रहे हैं, और जब वे शांति से अपना हक मांगने बैठे तो उनका सामना बातचीत से नहीं, बल्कि आंसू गैस और पुलिस एक्शन से हुआ। लोकतंत्र में अपना हक मांगना कोई जुर्म नहीं हो सकता। सरकार का पहला फर्ज है कि वह मजदूरों की बकाया मजदूरी दे और इस घटना की निष्पक्ष जांच का आदेश दे। ईमानदार मजदूरों का सम्मान करें, मजदूरों को न्याय दिलाएं।
--आईएएनएस
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