खामेनेई की तदफीन में शामिल होने के लिए 3 जुलाई को रवाना होंगे अता हसनैन और पबित्रा मार्गेरिटा: विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 3 जुलाई को ईरान रवाना होंगे। दोनों नेता ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता ग्रैंड अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेता 3 जुलाई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पहुंचेंगे और जनाजे में शामिल होंगे।
मंत्रालय ने कहा कि इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सभ्यतागत संबंधों और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संपर्क को दर्शाती है। यही संबंध दोनों देशों के राजनीतिक और आर्थिक सहयोग की मजबूत नींव भी हैं।
भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते लंबे समय से रहे हैं। भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों को ईरान ने इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। पीडीपी की महबूबा मुफ्ती भी इसमें हिस्सा लेने के लिए ईरान रवाना हो गई हैं। उनके अलावा जैन मुनि लोकेश को भी न्योता गया है, और उन्होंने अमेरिका से सीधे तेहरान पहुंचने की बात कही है।
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के तदफीन यानी अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 4 जुलाई से 9 जुलाई के बीच रस्म अदायगी होगी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, अपने नेता को आखिरी विदाई देने से पहले तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी परिसर में देश-विदेश से आने वाले लोगों और प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी में खामेनेई को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
न्यूज एजेंसी तसनीम ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा, "खामेनेई की मौत ने साबित किया है कि ईरान की व्यवस्था आस्था, आदर्शों और देश की जनता की मजबूत इच्छाशक्ति पर टिकी हुई है।"
उन्होंने सभी ईरानियों से, चाहे उनका जातीय, धार्मिक या राजनीतिक मतभेद से परे हो जनाजे में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने ईरान की एकजुटता दिखाना जरूरी है।
--आईएएनएस
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