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केरल की अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक पत्र, कहा- मेरी शादी में आइए, बड़े भाई की तरह दें आशीर्वाद

लखनऊ, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। बचपन में आंसुओं को कमजोरी समझने वाली केरल की अरुंधति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सीख जिंदगी का नजरिया बदलने वाली साबित हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से उन्हें यह समझने की प्रेरणा मिली कि भावुक होना कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं को स्वीकार करने का साहस है। वर्षों बाद भी इस सीख को अपने जीवन का हिस्सा मानने वाली अरुंधति ने अब मुख्यमंत्री को हाथ से लिखा दो पन्नों का भावुक पत्र भेजा है।
 

लखनऊ, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। बचपन में आंसुओं को कमजोरी समझने वाली केरल की अरुंधति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सीख जिंदगी का नजरिया बदलने वाली साबित हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से उन्हें यह समझने की प्रेरणा मिली कि भावुक होना कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं को स्वीकार करने का साहस है। वर्षों बाद भी इस सीख को अपने जीवन का हिस्सा मानने वाली अरुंधति ने अब मुख्यमंत्री को हाथ से लिखा दो पन्नों का भावुक पत्र भेजा है।

केरल की अरुंधति ने सीएम योगी आदित्यनाथ को अपना प्रेरणास्रोत और बड़े भाई जैसा बताते हुए 20 दिसंबर को होने वाले विवाह समारोह में शामिल होकर नवदंपती को आशीर्वाद देने का आग्रह किया है। अरुंधति के पत्र में मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव है। उन्होंने लिखा है कि सीएम योगी की जीवन यात्रा और उनसे मिली प्रेरणा ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की ताकत दी। अरुंधति के लिए यह निमंत्रण केवल विवाह में शामिल होने का आग्रह नहीं, बल्कि जीवन के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर उस व्यक्ति को याद करने का अवसर है, जिसकी सीख ने उन्हें खुद को समझने का नया नजरिया दिया।

अरुंधति ने पत्र में अपने बचपन का जिक्र करते हुए बताया कि वह छोटी-छोटी बातों पर भावुक होकर रो पड़ती थीं। कुछ दोस्त उन्हें समझाते थे कि मजबूत बनने के लिए भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। धीरे-धीरे उनके मन में भी यह सवाल उठने लगा कि क्या आसानी से रो पड़ने वाला व्यक्ति मजबूत नहीं हो सकता? क्या अपनी भावनाएं जाहिर करना कमजोरी या शर्मिंदगी की बात है? इसी दौरान उनके चचेरे भाई ने उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो दिखाया।

वीडियो में सीएम योगी भावुक नजर आ रहे थे। उनके चचेरे भाई ने उन्हें समझाया कि भावुक होने के बावजूद मजबूत रहा जा सकता है। इस बात ने अरुंधति की सोच को प्रभावित किया। उन्हें महसूस हुआ कि आंसू किसी व्यक्ति की कमजोरी का प्रमाण नहीं हैं और संवेदनशील होना भी इंसान के व्यक्तित्व का स्वाभाविक हिस्सा है। अरुंधति के लिए यह अनुभव महज बचपन की एक याद बनकर नहीं रह गया।

समय के साथ उन्होंने समझा कि मजबूती का अर्थ हर परिस्थिति में अपनी भावनाओं को छिपाना नहीं, बल्कि चुनौतियों का सामना करते हुए खुद पर भरोसा बनाए रखना है। असफलताओं के बाद दोबारा खड़े होना, मुश्किल समय में आगे बढ़ना और अपनी जिम्मेदारियों को निभाना ही वास्तविक साहस है। पत्र में उन्होंने लिखा है, “जब भी मैं खुद पर संदेह करती हूं, आपसे मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।”

अरुंधति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यात्रा को मेहनत, दृढ़ निश्चय और निरंतर प्रयास का उदाहरण मानती हैं। उनके मुताबिक, बचपन में देखे गए उस वीडियो से मिली सीख ने उन्हें अपनी भावनाओं को स्वीकार करने और खुद पर भरोसा रखने में मदद की। अरुंधति और राहुल का विवाह 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा स्थित ग्रीन पार्क कन्वेंशन सेंटर में होना है। इस खास मौके पर अरुंधति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित करते हुए समारोह में शामिल होने का आग्रह किया है।

पत्र में उन्होंने लिखा है, “मेरे लिए आप एक नेता से कहीं बढ़कर हैं। मैंने आपको हमेशा एक बड़े भाई की तरह देखा है, जिसकी यात्रा ने मुझे हिम्मत और प्रेरणा दी है।” अरुंधति ने मुख्यमंत्री की व्यस्तताओं को ध्यान में रखते हुए यह भी लिखा है कि यदि उनके लिए विवाह समारोह में पहुंचना संभव नहीं हो, तो उनका शुभकामना संदेश और आशीर्वाद भी उनके लिए बेहद अनमोल होगा।

अरुंधति के इस पत्र में विवाह का निमंत्रण देने के साथ उस सीख के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया है, जिसने उन्हें भावुक होने को कमजोरी मानने के बजाय अपनी सहज मानवीय संवेदना के रूप में स्वीकार करना सिखाया। जीवन के नए अध्याय की शुरुआत से पहले उन्होंने अपने प्रेरणास्रोत को याद करते हुए उनसे आशीर्वाद मांगा है।

--आईएएनएस

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